कस्बे में पिछले एक माह से रावण दहन को लेकर चल रहा तनाव विजयादशमी पर रावण दहन के साथ ही समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों व फोर्स की निगरानी में परंपरागत स्थल के गेट का ताला तोड़कर शांति पूर्वक रावण दहन हुआ। हालांकि इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए।
कब्रिस्तान की पैमाईश के बाद प्रशासन ने परंपरागत स्थान पर ही रावण दहन करने का निणर्य लिया था। मंगलवार सुबह नो बजे एसडीएम कोल डॉ. पंकज वर्मा अधीनस्थों के साथ रावणटीले पर पहुंच गए और मुतवल्ली आबिद हुसैन से चाबी मांगने के लिए पुलिसकर्मी भेज दिए, लेकिन उन्हें चाबी नहीं मिली।
चाबी न मिलने पर एसडीएम ने पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों की दी। इस पर सीओ व एसओ हरदुआगंज मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुतवल्ली को नोटिस भेजा, जिसे रिसीव न करने पर मकान की दीवार पर चस्पा कर दिया गया। दोपहर करीब डेढ़ बजे एडीएम प्रशासन राम निवास शर्मा व एसपीआरए डॉ. बृजेश कुमार मौके पर आ गए।
दोनों समुदाय के चार सुभ्रांत लोगों के सामने एसडीएम कोल ने ताला तुड़वा दिया। गेट खुलने के बाद ईओ ने साफ सफाई करा पुतले की जगह के चारो ओर बैरीकेटिंग करा दी और चारों ओर कैमरे लगावा दिए।
शाम करीब पांच बजे श्रीराम-रावण का डोला मां काली के करतबों के बीच रामलीला मैदान से रावण टीले पर पहुंचा, जहां पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुराई के प्रतीक रावण के पुतले को श्रीराम के स्वरूप ने अग्निवाड़ से आग के हवाले कर दिया।
वहीं कार्यक्रम के बाद घटना स्थल की साफ सफाई के बाद गेट पर नया ताला लगवाकर चाबी मुतवल्ली के घर भिजवा दी।