हाथरस के पीतल कारोबारी के मुनीम दीपक संग मथुरा-बरेली हाईवे पर 10.40 लाख रुपये की लूट खुद मुनीम ने अपने भाई संग मिलकर कराई थी। पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा करते हुए मुनीम व उसके भाई कृष्णा को गिरफ्तार कर उसके घर से नकदी बरामद कर ली है। शुक्रवार देर रात तक अन्य पहलुओं पर दोनों से पूछताछ की जा रही थी। शनिवार को दोनों को जेल भेजा जाएगा।
हाथरस के चामड़ गेट निवासी पीतल कारोबारी नितिन अग्रवाल का मुनीम दीपक बृहस्पतिवार को बाइक पर 10.40 लाख रुपये बैग में लेकर मथुरा पार्टी को भुगतान देने जा रहा था। तभी हाईवे पर गोरई क्षेत्र में साथिनी के पास पहुंचने पर उसने करीब साढ़े तीन बजे पुलिस को खुद के साथ लूट की सूचना दी। उसने बताया कि काली स्कार्पियो सवार चार बदमाश उससे उसका मोबाइल व रुपयों का बैग लेकर भाग गए।
सीसीटीवी ने खोला सच, बरामद हुई नकदी
घटना के बाद से लेकर देर रात तक पुलिस की तीन टीमों ने पूरे हाईवे के साथ-साथ उसके लिंक मार्ग, संपर्क मार्ग व कट मार्गों के सीसीटीवी देखे। इस बीच साफ हुआ कि घटना के समय के आसपास कोई स्कार्पियो मुनीम के आगे या पीछे नहीं निकली। एक बुलट जरूर उसके आगे पीछे चलती दिख रही थी। घटनास्थल पर दोनों बाइक एक साथ साइड में रुकी हैं। इसके बाद एक सीसीटीवी में इसी बुलट पर सवार नकाबपोश मुनीम से लूटे गए बैग सहित दिखाई दिया। जिसे खुद मुनीम व कारोबारी नितिन ने स्वीकारा। यह बुलट हाईवे से उतरकर बेसवां इगलास के रास्ते हाथरस की ओर जाती दिखी है। झूठ बोलने पर मुनीम पर यहीं से संदेह गहरा गया। शुक्रवार को बुलट सवार की पहचान मुनीम के सगे भाई कृष्णा के रूप में हुई। बस इसके बाद मुनीम टूट गया। उसने खुद भाई संग मिलकर लूट का नाटक रचना स्वीकार लिया। इसके बाद पुलिस ने मुनीम के घर से उसके भाई को दबोचकर घर से ही पूरी रकम बरामद कर ली।
रास्ते में बदला खुद का हुलिया, छिपाई रकम
पुलिस जांच में उजागर हुआ कि मुनीम के बुलट सवार भाई कृष्णा ने रास्ते में अपनी टीशर्ट बदली। साथ में अपने बाल भी बिगाड़े हैं। ताकि पहचान न हो सके। घर पहुंचने के बाद उसने रुपयों को भी दो तीन जगह छिपाया है। जब पहचान करते हुए पुलिस पहुंची तो रुपये बरामद करा दिए।
घर में बीमारी के चलते तोड़ा भरोसा
एसपी देहात के अनुसार अब तक की पूछताछ में मुनीम व उसके भाई ने स्वीकारा है कि उसके परिवार में किसी सदस्य को कैंसर है। चूंकि वह तीन वर्ष से नितिन के यहां रुपये लाने ले जाने का काम करता है। उस पर नितिन को पूरा भरोसा था। बीमारी में खर्च के लिए उसने इसी भरोसे को तोड़ा है।
-यह लूट खुद मुनीम ने अपने भाई संग मिलकर की थी। लंबे समय से रकम लाने ले जाने के चलते उसकी नीयत खराब हो गई। दोनों भाइयों को पकडक़र नकदी बरामद कर ली है। बाकी पूछताछ जारी है। शनिवार को जेल भेजा जाएगा।-अमृत जैन, एसपी देहात