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अतरौली में मजार के सामने फिर हादसा, बस पलटी

Sat, 03 Feb 2018 02:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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अतरौली-छर्रा रोड पर हुए हादसे के बाद पलटी पड़ी बस। - फोटो : अमर उजाला
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अतरौली-छर्रा रोड पर स्पोर्ट्स स्टेडियम के निकट मजार के सामने फिर हादसा हुआ। शुक्रवार को तड़के करीब तीन बजे 40 लोगों से भरी मिनी बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में बस सवार करीब 32 लोग घायल हो गए। बस सवार लोग लड़की की सगाई कर लौट रहे थे। ज्यादा जख्मी सात लोगों को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां से शाम को छह लोगों को घर भेज दिया गया। अब केवल एक घायल यहां भर्ती है। छह दिन पहले मजार के पास इसी जगह पर स्कार्पियो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे भरे गंदे पानी में डूब गई थी, जिसमें दरोगा, सिपाही समेत सात लोगों की जान चली गई थी। 
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थाना गंगीरी के गांव बूढ़ागांव निवासी राजेंद्र सिंह की बेटी प्रीति की शादी सात फरवरी को होनी है। गुरुवार को राजेंद्र सिंह अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिनी बस से अमित पुत्र चमन सिंह से प्रीति की सगाई करने राहुल गार्डन, बहटा हाजीपुर, लोनी गाजियाबाद गए थे। सगाई करने के बाद गुरुवार की देर शाम करीब नौ बजे सभी वहां से चले। सड़क खाली होने से चालक तेजी से बस दौड़ा रहा था। शुक्रवार को तड़के करीब तीन बजे अतरौली के स्पोर्ट्स स्टेडियम के निकट बाबा साहब की मजार से थोड़ा पहले मौजूद ब्रेकर में पहुंचते ही बस उछल गई। इससे चालक का बस से नियंत्रण हट गया। बस मजार की दीवार में टकराने से बाल-बाल बची और सड़क किनारे भरे नाले वाले गड्ढे की ओर बढ़ी। इस पर चालक ने तेजी से स्टेयरिंग काटकर बस को पानी में जाने से तो रोक लिया लेकिन अनियंत्रित बस पलट गई।

बस पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई। बस के शीशे तोड़कर कुछ लोग बाहर निकले। इन लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम और एंबुलेंस को सूचना दी। आनन फानन में एसएसआई सुनील कुमार, एसआई योगेंद्र सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और बस में फंसे घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। मामूली रूप से चोट खाए लोगों को दूसरी गाड़ी से उनके घर भेजा गया। 
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शराब पीकर तेज गति से चला रहा था बस
सगाई की खुशियां हादसे के दर्द में बदल गई हैं। सगाई के बंधन में बंधने वाली प्रीति के पिता राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि ड्राइवर ने जानबूझकर बस को पलटा दी और फरार हो गया। उन्होंने बताया कि दस हजार रुपये में बस किराए पर की थी। बस चालक ने गाजियाबाद से वापसी पर रास्ते में ही किराए के बकाया चार हजार रुपये देने का दबाव बनाया। इस बात पर उनकी कहासुनी भी हुई थी। बाद में उन्होंने बकाया किराया चालक को दे दिया था। इसके बाद चालक ने शराब पी, जिस पर उसे डांटा भी था। शराब पीकर वह तेज गाड़ी चला रहा था। रायपुर स्टेशन के पास गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्राली से भी बस टकराई थी। इसके बाद अतरौली में छर्रा रोड स्थित मजार के पास तीन बजे रात में चालक ने बस पलटा दी। इसके बाद वह फरार हो गया। प्रीति ने बताया कि पापा व भाई सुभाष को सगाई के बाद शादी का सामान खरीदकर लाना था, लेकिन वह घायल हैं।  

मंत्री की भ्‍ाी अवहेलना कर दी अधिकारियों ने
एक दरोगा, एक सिपाही समेत स्कार्पियो सवार सात लोगों की मौत के तत्काल बाद शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने जिला प्रशासन को आदेशित किया था कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए तत्काल प्रबंध किए जाएं, लेकिन छह दिन बाद दूसरा हादसा हो गया। सुरक्षा का अस्थाई समाधान तक नहीं किया गया है, जिस पर नाराजगी जताते हुए शिक्षा राज्यमंत्री ने अधिकारियों को तलब कर लिया है। खास बात यह है कि हादसे वाली यह जगह शिक्षा राज्यमंत्री के पैत्रक गांव मढ़ौली से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है। उनकी दादी गांव में ही रहती हैं। वह खुद भी इसी रास्ते गांव आते-जाते हैं।

शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा था कि अतिशीघ्र ऐसा इंतजाम किया जाए कि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए काम तो स्थाई काम तो शुरू हुआ लेकिन उसकी गति बेहद धीमी है। सड़क पर ब्रेकर तक नहीं तोड़े जा सके। उधर स्थाई समाधान होने तक अस्थाई उपाय भी नहीं किए गए। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में भी ‘ब्रेकरों’ को हादसों की मुख्य वजह बताते हुए खबर प्रकाशित की थी।

शुक्रवार को शिक्षा राज्यमंत्री के निजी सचिव संतोष कुमार अवस्थी की ओर से डीएम को पुन: भेजे गए पत्र में कहा गया है कि निर्देश के बाद भी कार्य धीमी गति से चलना लापरवाही को उजागर करता है। संबंधित अधिकारी शिक्षा राज्यमंत्री के समक्ष व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्पष्ट करें कि उक्त स्थान पर हादसे रोके जाने की दिशा में कार्य कब तक पूर्ण हो जाएगा। साथ ही संदीप सिंह ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि घायलों के इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए।
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