हैलो, विक्रमशिला एक्सप्रेस में कुछ आतंकवादी हैं और बम रखा हुआ है। इसकी सूचना मिलते ही यात्री दहशत में आ गए। अलीगढ़ में ट्रेन को रोकने के बाद कई कोच खाली हो गए थे, उसके बाद सघन चेकिंग की गई।
बम की सूचना किसी ने 3:19 बजे 139 नंबर पर दी। ट्रेन ने 3:40 बजे इटावा क्रॉस कर लिया, 4:45 बजे टूंडला भी निकल गया, लेकिन चेकिंग नहीं हुई। इटावा जीआरपी थाने के सीयूजी नंबर पर सुबह 5:15 बजे सूचना दी गई। तब जीआरपी ने तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम टूंडला को बताया, लेकिन गाड़ी वहां से निकल चुकी थी। 520 बजे कंट्रोल रूम से सभी को संदेश भेजकर अलर्ट कर दिया गया, लेकिन ट्रेन को 5:58 बजे तक चेक करया गया, जब वह 170 किमी का सफर तय करके अलीगढ़ स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। इसी बीच छोटे-बड़े 21 स्टेशन हैं। होना तो यह चाहिए था कि सूचना को गंभीरता से लेते हुए निकटवर्ती स्टेशन पर ट्रेन को रोककर चेक कराया जाता।
आरपीएफ के सहायक आयुक्त गुलजार सिंह का कहना है कि सूचना मिलते ही ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोका गया। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि ट्रेन में बम की सूचना टूंडला कंट्रोलर को मिली थी। तब तक ट्रेन स्टेशन से गुजर चुकी थी। फिर भी सूचना देने में कहीं देरी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई भी तय होगी।
रांची से आनंद विहार जा रही गाड़ी संख्या 02877 पूजा स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन में एक सप्ताह पहले 25 अक्तूबर की देर रात सोशल मीडिया के एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट के जरिए बम रखे होने की सूचना मिली थी। हालांकि ट्वीट करने वाले ने बाद में उसे हटा भी दिया था। ट्रेन में बम रखे होने की सूचना पर नॉनस्टॉप ट्रेन को अलीगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रोका गया था। जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ते ने 40 मिनट तक चेकिंग की थी। सब कुछ सामान्य मिलने पर ट्रेन को गंतव्य को रवाना कर दिया गया था। इस मामले में सहायक स्टेशन मास्टर की ओर से ट्वीट करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ झूठी सूचना देने पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जीआरपी आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।