नगर पंचायत पिसावा के अधिशासी अधिकारी निषाद मदुरमय ने बताया कि मक्खी के काटने से नींद और बुखार आता है, कटे हुए स्थान पर बैठने पर अंडे देने पर उस स्थान पर पस बनने लगता है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को कीटनाशक का छिड़काव करने के साथ गांव लोगों को जागरूक किया गया है। उन्होंने बताया कि मक्खी को खत्म करने के लिए बरेली से भी दवा मंगाई गई है, जो इस तरह की मक्खी को खत्म कर देती है। उन्होंने बताया कि टीम जल्द ही इस मक्खी को क्षेत्र से खत्म कर देगी।
परजीवी है सीसी मक्खी
सीसी मक्खी परजीवी है, जो मनुष्य और जानवरों का रक्त पीकर जिंदा रहती है। सीसी मक्खी के कारण निंद्रा रोग ज्यादा होता है।
गांव में पांच परिवारों के रक्त के नमूने लिए
नगर पंचायत कर्मियों ने कीटनाशक दवा का छिड़काव व फॉगिंग की। बीमारियों का प्रकोप रोकने के लिए लोगों को साफ सफाई के लिए जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पांच परिवारों से रक्त के नमूने लिए। पशुओं के आसपास साफ सफाई रखने, गीली जमीन न होने देने तथा पशु के घाव को ढककर रखने की सलाह भी दी गई है। ज्ञात रहे कि डीएम के साथ बैठक में सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी द्वारा इस मक्खी के बारे में जानकारी दी गई थी।