अंग्रेजी शासनकाल में राय बहादुर के खिताब से नवाजे गए स्व. शिवदान सिंह की रियासत (दोआब स्टेट) की हवेली से बेशकीमती ट्राफियां और विदेशी हथियारों की चोरी के राजसे 10 महीने बाद भी पर्दा नहीं उठा है। मामले में पिसावा पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
हाल यह है कि खुद रियासत के वारिस कुंवर यादवेंद्र को अपनी हवेली में चोरी की भनक 21 मार्च को पिसावा आने पर लगी। मगर पुलिस ने हवेली से चोरी गए हथियारों में से एक रिवाल्वर 17 फरवरी को ही बरामद कर ली थी। मगर सेटिंग के दम पर पूरा मामला रफा-दफा कर दिया गया और पुलिस आज तक मौन धारण किए हुए है। जांच के नाम पर बस लकीर पीटी जा रही है।
दो हिस्सों में बंटी दोआब स्टेट के एक हिस्से के वारिस कुंवर यादवेंद्र सिंह ने रिपोर्ट में साफ उल्लेख किया था कि उनकी हवेली से दो 500 ग्राम सोना जड़ित और पांच चांदी जड़ित बेशकीमती विदेशी ट्राफियां, बारह बोर की तीन बंदूक, 32 बोर की दो रिवाल्वर, दो रायफल गायब थे। सभी हथियार विदेशी थे। इसके अलावा चांदी के बर्तन-सिक्के भी गायब थे। सोना-चांदी के माल की कीमत एक करोड़ के करीब बताई गई।