शहर के निचले इलाकों में बारिश का पानी मकान और दुकानों में घुस गया। जिससे लोगों को दिक्कतें हुईं। मामू भांजा, अचलताल, रसलगंज, सराय रहमान, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी, शाहजमाल, देहलीगेट, आगरा रोड, सासनीगेट, महेंद्र नगर, बैंक कॉलोनी, खिरनीगेट, छर्रा अड्डा पुल, गुरुद्वारा रोड, सुरेंद्र नगर, विष्णुपुरी, रावण टीला, गोविंद नगर, देवी नगला, एटा चुंगी, विकास नगर, चंदनियां, नगला तिकोना, मानसरोवर, ज्ञानसरोवर, सौ फुटा रोड, दीवानी गेट, तस्वीर महल चौराहा, कंट्रोल रूम, सर सैय्यद नगर, जमालपुर, रामघाट रोड पीएसी, एडीए कॉलोनी समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया। इससे दो पहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। स्कूटी और कार में पानी भर गया। कई लोग वाहनों को खींचते नजर आए। बारिश बंद होने के बाद जलभराव के चलते घंटों जाम की स्थिति बनी रही। कई इलाकों में इस दौरान बिजली कटौती होने से अंधेरा गया। देर शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
6 डिग्री लुढ़का तापमान
बारिश के बाद जिले का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार एवं सोमवार को भी बारिश की संभावना बन रही है।
धान के लिए बरसा वरदान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान और खरीफ की फसलों को इस बारिश से काफी लाभ मिलेगा। गभाना, खैर, लोधा, जवां, अतरौली, हरदुआगंज, इगलास, टप्पल, बरला आदि क्षेत्रों में तेज बारिश हुई है, जिससे खेतों में भी पानी भर गया। गभाना, बरौली क्षेत्र में कुछ स्थानों पर तेज हवा के चलते धान की फसल खेतों में बिछ गई है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि धान की अगैती फसल में तेज हवाओं से हल्का नुकसान हुआ है। जिन किसानों के खेतों में नुकसान हुआ है, वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने बताया कि बारिश से किसी क्षति या जनहानि की सूचना नहीं है। सभी तहसीलों के लेखपालों को क्षेत्रों में नजर रखने को कहा गया है ।