इसी आधार पर अब अतरौली में फर्जीवाड़ा की धाराओं में तत्कालीन तहसीलदार उदयवीर सिंह, आदेश वाहक आलोक सिंह, भतीजे गजेंद्र व नरेंद्र सिंह पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ राजीव द्विवेदी ने बताया कि जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब आगे कार्रवाई विवेचना में तय होगी।
एसएसपी ने सीओ को दिए थे जांच के आदेश
एसएसपी ने विषय की गंभीरता को समझते हुए सीओ बरला को जांच के निर्देश दिए। सीओ बरला ने जांच में पाया कि तहसीलदार के यहां से इन चारों भाइयों को नोटिस जारी हुए। उन चारों को रिसीव भी हुए। तारीखों पर भी चारों के हस्ताक्षर मिले। हैरानी की बात है कि न तो चारों को कोई नोटिस सही में प्राप्त हुआ, जबकि एक भाई देवेंद्र हस्ताक्षर करना नहीं जानता, उसके हस्ताक्षर किस तरह हो गए। इस मामले में तहसीलदार के आदेश वाहक आलोक सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई।