अनूपशहर रोड पर बाइक सवार दो लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत के मुकदमे में न्यायालय ने बस स्वामी पर 14 लाख रुपया मुआवजा तय किया था, मगर मुआवजा तय होने के दस वर्ष बाद भी उसे जमा नहीं कराया गया। न्यायाधिकरण ने इस संबंध में तहसील के जरिये कई बार वसूली आदेश भी जारी किए मगर वसूली नहीं हो पा रही। इसे लेकर अब तहसीलदार को वसूली के संबंध में सख्त आदेश जारी किया गया है।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी चंद्रभानु सिंह की ओर से तहसीलदार को जारी आदेश में कहा गया है कि इस संबंध में विपक्षी वाहन स्वामी जमालपुर सिविल लाइंस निवासी शमशाद अहमद को वसूली आदेश जारी किया गया है।
इस संबंध में पूर्व में 25 मार्च 2019, 15 अक्तूबर 2019, 16 जुलाई 2020, 14 अक्तूबर 2020 व 10 मार्च 2021 को भी वसूली आदेश जिलाधिकारी के जरिये भेजा गया, मगर आज तक विपक्षी से राशि वसूल कर न्यायाधिकरण में जमा नहीं कराई गई है। पूर्व में इस संबंध में स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया है। इसको लेकर स्पष्ट आदेश दिया है कि दो अगस्त से पहले रिकवरी राशि विपक्षी से वसूलकर न्यायाधिकरण में जमा कराएं।
ये है मामला
इस मामले में अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने बताया कि वर्ष 2005 में कस्बा छेरत के विद्युत कर्मचारी संजय शर्मा व विनोद गुप्ता बाइक से अलीगढ़ की ओर आ रहे थे। तभी निजी बस की चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई थी। मामले में 2009 में स्थानीय न्यायालय से और 2012 में हाईकोर्ट से बस स्वामी के खिलाफ 14 लाख रुपये मुआवजा राशि देने के निर्देश दिए, मगर आज तक यह मुआवजा राशि जमा नहीं कराई गई। इसके चलते न्यायाधिकरण ने मामले में तहसील से रिकवरी के जरिये मुआवजा राशि वसूलने के आदेश दिए थे। तहसील स्तर से यह धनराशि नहीं वसूली जा रही है। इसी क्रम में यह सख्त आदेश दिया गया है।