होली के दिन साधू आश्रम चौकी क्षेत्र के एक गांव से लापता हुई किशोरी को अगवा कर उसके साथ छह लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किशोरी ने न्यायालय को दिए बयान में इसकी पुष्टि की है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई के लिए चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
उधर पीड़ित किशोरी को बुधवार की देर शाम पुलिस ने पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। परिवार वालों के अनुसार किशोरी सदमे में है और घर आने के बाद वह बेहोश हो गई थी।
किशोरी ने बुधवार को अदालत में दिए बयान में दो नामजदों और चार अज्ञात युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। किशोरी के बयानों के बाद परिजन पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगा रहे हैं।
किशोरी (14) के पिता की मौत हो चुकी है और वह ही विकलांग मां की सहारा है। सोमवार को होली के दिन सुबह दस बजे वह जंगल कहने के लिए घर से निकली थी, उसके बाद वह लापता हो गई। उसकी तलाश करने पर गांव के निकट बने होटल के पीछे गेहूं के खेत में खून से सना दुपट्टा और मोबाइल मिला था।
परिजनों ने उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। साथ ही कुछ लड़कों के नाम भी पुलिस को बताए थे, इनमें दूसरे समुदाय के भी कुछ युवक थे। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने तीन नामजदों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उन्हें कुछ घंटे हिरासत में रखने और पूछताछ करने के बाद मंगलवार दोपहर में छोड़ दिया था। पूछने पर पुलिस ने किशोरी के मिलने और उसे वन स्टॉप सेंटर भेजने की बात कहकर टरका दिया।
इसके बाद मंगलवार शाम को ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए रामघाट रोड पर जाम लगा दिया था। करीब डेढ़ घंटे बाद सीओ ने परिजनों को समझाबुझकर खुलवाया और किशोरी को थाने बुलाकर परिजनों से मिलवाया। थानाध्यक्ष रवि चंद्रवाल का कहना है कि किशोरी की मेडिकल रिपोर्ट अभी नहीं मिली है, उसका इंतजार किया जा रहा है।