राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) ने स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के मिड टर्म की परीक्षा 11 जुलाई से होने का एलान कर दिया है। यह एलान शिक्षकों व छात्रों को नागवार लग रहा है। उनका कहना है कि बिना पढ़ाई की परीक्षा नाइंसाफी है। इस पर विवि प्रशासन को सोचना होगा। स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के मिड टर्म की परीक्षा 20 जुलाई तक होगी, जबकि द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 6 अगस्त से होनी है।
शिक्षाविद् के बोल
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि से संबद्ध मंडल के महाविद्यालयों के प्रथम शिक्षा सत्र की शुरुआत विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराए बिना ही उनकी परीक्षाओं से कराया जाना समझ से परे है। ये कैसी विडंबना है कि विभिन्न विषयों की लिखित व मौखिक कार्यों के पठन-पाठन की उपेक्षा करते हुए शिक्षा सत्र की शुरुआत सीधे परीक्षाओं से की जा रही है।
- डॉ. रक्षपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष, डॉ. बीआर आंबेडकर विवि शिक्षक संघ आगरा
बिना पढ़ाई के परीक्षा उचित नहीं है। अगर परीक्षा होती है तो यह छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय होगा। एक सेमेस्टर की पढ़ाई 90 दिनों तक होती है, लेकिन पढ़ाई तो नौ दिन भी नहीं हो सकी है। ग्रीष्मावकाश के चलते पढ़ाई नहीं हो सकी। हालांकि, ऑनलाइन पढ़ाई होने का आदेश दिया गया था, लेकिन वह भी नहीं हो पाई।
- डॉ. भारत सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, डीएस कॉलेज
आरएमपीयू ने मिड टर्म की परीक्षा का फरमान जारी किया है, यह तालिबानी फरमान है। इस परीक्षा का पुरजोर विरोध करते हैं। विवि प्रशासन को सोचना चाहिए था कि अभी तक प्रथम सेमेस्टर का परिणाम आधा अधूरा आया है। दूसरे सेमेस्टर की अभी कक्षाएं शुरू भी नहीं हुई है।
- बल्देव चौधरी सीटू, छात्र
द्वितीय सेमेस्टर की मिड टर्म की परीक्षा घोषित करना पूर्णतया गलत है। इसका विरोध करते हैं। जल्द ही इस प्रकरण को लेकर जल्द ही प्राचार्य व कुलपति का घेराव कर विरोध दर्ज कराएंगे। किसी भी कीमत पर यह छात्र हित में सही नहीं है।
- तनिष्क प्रताप सिंह, छात्र