एसआईटी की जांच के बाद विभागीय कार्रवाई में फंसे वर्ष 2005 की बीएड की डिग्री वाले 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की है। इन शिक्षकों में फर्जी और टेंपर्ड डिग्री वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हैं।
वर्ष 2005 में बीएड कर शिक्षक बनने वालों की एसआईटी जांच के बाद जनपद स्तर पर कार्रवाई की गई है। बीएसए ने ऐसे 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवा समाप्ति के आदेश पर मंगलवार को मुहर लगा दी।
हालांकि शिक्षक-शिक्षिका भी यही चाह रहे थे, क्योंकि अब वह इस आधार पर कोर्ट जाएंगे, क्योंकि अन्य जनपदों में ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं को कोर्ट से राहत मिल गई है। यहां के शिक्षकों को भी राहत की उम्मीद है।
बीएसए हरीशचंद्र ने बताया कि 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं की वर्ष 2005 की बीएड की डिग्री फर्जी और टेंपर्ड पाई गई हैं, इसलिए इनके खिलाफ विभाग द्वारा सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। रही बात शिक्षकों के कोर्ट जाने की बात तो वह स्वतंत्र हैं। अपने बचाव में कहीं भी जा सकते हैं।