शनिवार को बनाया था रिपोर्ट कार्ड
अलीगढ़ पब्लिक स्कूल की अंग्रेजी की शिक्षिका शाइस्ता इश्तियाक अब इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनकी यादें विद्यार्थियों और स्टाफ के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगी। 28 मार्च को ही उन्होंने पूरी लगन के साथ विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड तैयार किए थे। अभिभावक-शिक्षक बैठक में भी सक्रिय रूप से शामिल हुईं, हर बच्चे की प्रगति पर विस्तार से बात की। किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि यह उनका आखिरी दिन होगा।
पिछले 12 वर्षों से वह कक्षा छह से 10 तक के विद्यार्थियों को अंग्रेजी पढ़ा रही थीं। उनकी पढ़ाने की शैली और समझने का तरीका उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बनाता था। वह अक्सर कहती थीं कि पित्ताशय की पथरी का ऑपरेशन हो जाएगा और जल्द ही फिर से कक्षा में लौटकर बच्चों को पढ़ाएंगी, लेकिन किसे पता था कि यह इंतजार अधूरा रह जाएगा। उनके दो बच्चे हैं। इसी साल बेटे ने 12वीं और बेटी ने 10वीं की परीक्षा दी है। स्कूल की डॉ. फातिमा जेहरा ने कहा कि शाइस्ता के निधन से न सिर्फ एक शिक्षिका, बल्कि एक सच्ची मार्गदर्शक और सहकर्मी का खोना है। स्कूल के हर कोने में उनकी कमी महसूस की जा रही है। शिक्षक-शिक्षिकाओं की आंखें नम हैं।