अभी तक एनआईए अलीगढ़ तो नहीं आई। मगर अपुष्ट सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि तलहा अलीगढ़ के धौर्रा इलाके में कहीं रह रहा था। वह यहां किस संस्थान से कोर्स कर रहा था? इस दौरान कब? कितने समय के लिए? और किस अवधि में फैजान अंसारी के संपर्क में आया? वे साथ में किस लॉज में रहे? फिर कब अलग हुए ? और फैजान की गिरफ्तारी के समय तलहा कहां था? फिर कब गायब हुआ? इन तमाम सवालों के जवाब या तो एनआईए के पास हैं या फिर तलहा की गिरफ्तारी के बाद सामने आएंगे।
स्थानीय एजेंसियों ने शुरू की ठिकानों की तलाश
तलहा का नाम और उसके अलीगढ़ कनेक्शन सामने आने के बाद स्थानीय एजेंसियां हरकत में आ गई हैं। उसके शिक्षण संस्थान, रहने के ठिकाने, फैजान अंसारी से मुलाकात का माध्यम आदि पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि स्थानीय स्तर पर अभी तक किसी तरह की कोई ठोस जानकारी किसी के पास नहीं है। बस एक ही जवाब मिल रहा है कि उसके ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एनआईए या किसी अन्य एजेंसी ने यहां हमसे न तो संपर्क किया और न हमें किसी तरह की जानकारी मिली है। किसी तरह की मदद अगर मांगी जाएगी तो दी जाएगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
आईएसआईएस आतंकी बने एएमयू छात्र फैजान पर आज तक कार्रवाई नहीं
आईएसआईएस से जुडक़र देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हुए झारखंड निवासी एएमयू छात्र फैजान अंसारी पर कार्रवाई को लेकर दो माह बाद भी एएमयू का अधिकारिक सूचना का इंतजार है। एएमयू अपने बयान पर आज भी अडिग है और साफ कहना है कि अभी तक सिर्फ मीडिया से मिली सूचना के आधार पर उसके विषय में पूरा ब्योरा जुटाया गया। जिला पुलिस ने जो भी जानकारी मांगी वह मुहैया कराई गई। एनआईए स्तर से अभी तक कोई लिखित में पत्राचार कर जानकारी नहीं दी गई। इसलिए उसके खिलाफ एएमयू स्तर से कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके उलट अलीगढ़ में ही साथ रहे उसके एक अन्य साथी का नाम एनआईए ने उजागर कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
झारखंड के लोहरदगा जिले की मित्तल कालोनी के के फैजान अंसारी उर्फ फैज को एनआइए ने जुलाई में उसके घर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद टीम उसके यहां एएमयू के बगल में स्थित जमालपुर इलाके के किराये के कमरे पर भी पहुंची। जहां तलाशी के बाद काफी साक्ष्य संकलित कर ले गई। उसके विषय में बताया कि वह डार्कवेब नेट के जरिये आईएसआईएस के संपर्क में आया और एएमयू में पढ़ाई के दौरान उसने यह संगठन ज्वाइन करते हुए देश विरोधी काम शुरू किया। फैजान ने वर्ष 2022-23 में एएमयू में दाखिला लिया था। वह इस संगठन के तमाम लोगों के संपर्क में सोशल मीडिया के जरिये था और भारत में हिंसक आतंकी हमले करने संबंधी आपराधिक साजिश भी रच रहा था। ये लोग इस्लामिक स्टेट के समर्थक हैं और भारत में आईएसआईएस के कैडर बेस को मजबूत करने के लिए नव-धर्मांतरितों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकवादी बनाने प्रक्रिया में भी सक्रिय था।
वह विदेश में आईएसआईएस संघर्ष थिएटर में हिजरात करने पर विचार कर रहा था। वह एएमयू से बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। अभी द्वितीय वर्ष की कक्षा में वह समय से शामिल होने नहीं आ पाया था। फैजान की गिरफ्तारी और आईएसआईएस ज्वाइन करने के बाद कार्रवाई के सवाल पर तब से लेकर आज तक एएमयू ने चुप्पी साध रखी है। एएमयू के प्रॉक्टर प्रो.मो.वसीम अली के स्तर से आज भी बस एक ही बात कही जा रही है कि उसे एनआईए ने गिरफ्तार किया था। मगर अभी तक न तो लिखित में कोई सूचना आई और न कार्रवाई को लेकर कुछ लिखा गया है। हां, अगर लिखित में पुलिस या एनआईए कुछ उसके विषय में देती हैं तो कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। जो जानकारियां जिला पुलिस ने मांगी थीं, वह मुहैया कराई गईं।
एनआईए ने महराजगंज के फरेंदा के रहने वाले डा. फजले हक के घर में छापेमारी की तो उस समय वहां यूनानी डॉक्टर फजले हक की एएनएम पत्नी, दक्षिण अफ्रीका से लौटे बेटे व बेटी से भी पूछताछ की। उन्होंने खुद स्वीकारा कि उनकी बेटी शाहिदा मामून की शादी तलहा से हुई है। अब तलहा फरेंदा में ही बसने और यहां कपड़े की दुकान खोलना चाहता था। माना जा रहा है कि तलहा व फैजान अंसारी अलीगढ़ में पंद्रह ही दिन नहीं, उससे अधिक समय तक एक साथ रहे।
दिन भर होती रही टीम के अलीगढ़ आने की चर्चा
एनआईए के महाराजगंज जाने के और तलहा के अलीगढ़ कनेक्शन आने के बाद लगातार इस बात की चर्चा होती रही कि टीम यहां भी आई है। इस पर अधिकारी भी हैरान रहे। एएमयू में भी खलबली मची रही, क्योंकि इस बात की कतई पुष्टि नहीं हो पाई कि तलहा ने किस शिक्षण संस्थान से कोर्स किया। मगर देर रात तक टीम के यहां आने की पुष्टि नहीं हुई। सूत्रों ने भी साफ किया कि टीम अलीगढ़ नहीं आई।