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थानेदार अपने क्षेत्र में पैदल घूमें : कमिश्नर

Thu, 28 Jul 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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थानेदार अपने क्षेत्र में पैदल घूमें : कमिश्नर - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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कमिश्नर का कार्यभार संभालने के दूसरे दिन ही कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने जनता के बीच जाकर जनता का दर्द सुनने की परिपाटी को जिंदा कर दिया।
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अलीगढ़ में सालों बाद कोई कमिश्नर शहर के भ्रमण पर निकले हैं। नवागत कमिश्नर की पहले दिन की कार्यप्रणाली से अलीगढ़ को बड़ी आस बंध गई है। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने बुधवार की देर शाम को एडीएम सिटी और एसपी सिटी के साथ शहर का भ्रमण किया। थाना कोतवाली पहुंचे। उनकी मौजूदगी में दोनों समुदाय के लोग आपस में गले मिले। थाना देहली गेट भी  पहुंचे।
कमिश्नर ने थानेदारों से कहा कि वह पैदल अपने क्षेत्र का भ्रमण करें। उनको पता होना चाहिए कि उनका इलाका कैसा है। कहां पर क्या है। कभी भी कम से कम समय में मौके पर कैसे पहुंचा जाए यह उनको पता होना चाहिए यह तभी होगा जब थानेदार पैदल घूमेंगे। घटना के बाद पुलिस का रिस्पांस टाइम कम से  कम करने पर जोर दिया। तुर्कमान गेट भी पहुंचे। कमिश्नर ने बताय ा कि शहर भ्रमण का उद्देश्य       निरीक्षण नहीं खुद का परिचय शरहर से करना था। भ्रमण ने यह एहसास करा दिया कि बारिश में कहां पर कितना पानी भरा होगा।
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वह चारों जिलों के अधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि वह अपना काम ठीक से करें। इससे पूर्व कमिश्नर शिष्टाचार मुलाकात करने आने वाले अधिकारियों से विकास और विभागीय कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उनको अपनी मंशा से अवगत कराया। 
मुख्य सचिव ने दौरे में  दिए थे तैनाती के संकेत
अलीगढ़।19 जुलाई को मुख्य सचिव दीपक सिंघल अलीगढ़ के दौरे पर आए थे। उनके साथ कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा बतौर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव उप्र शासन की हैसियत से आए थे। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा भी साथ थे।
मुख्य सचिव जब शहर के गणमान्य लोगों की समस्याएं सुनने कलेक्ट्रेट सभागार में पहुंचे तो डाइस पर मुख्य सचिव और डीजीपी के लिए अन्य अधिकारियों की तुलना में दो बड़ी कुर्सियां थीं। डीजीपी के सभागार नहीं पहुंचने पर जिला प्रशासन के एक बड़े अधिकारी ने प्रमुख सचिव गृह से उस कुर्सी पर बैठने के लिए अनुरोध किया।
गृह सचिव उठने वाले थे लेकिन मुख्य सचिव ने उनको इशारा कर अपनी जगह पर ही बैठे रहने को कहा। वहीं सुभाष चंद्र शर्मा को उस कुर्सी पर बैठने को कहा जो मुख्य सचिव के बराबर में थी और जिस पर डीजीपी को बैठना था। दो मिनट के अंदर घटे इस घटनाक्रम से जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि, और शहर के गणमान्य लोगों में यह संदेश चला गया कि सुभाष चंद्र शर्मा मुख्य सचिव के लिए क्या मायने रखते है।
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बात यही नहीं रुकती। कोल विधायक हाजी जमीरउल्ला ने मुख्य सचिव दीपक सिंघल से शिकायत की थी कि तत्कालीन कमिश्नर चंद्रकात ने अलीगढ़ का विकास नहीं होने दिया है। जल्दी ही एडीए बोर्ड की बैठक कराने का आदेश दें। इस पर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सचिव की तरफ देखते हुए कहा था कि पहले अलीगढ़ में नए कमिश्नर की तैनाती होगी, इसके बाद बोर्ड बैठक होगी। उस समय किसी को क्या पता था कि मुख्य सचिव की निगाह यह बता रहीं हैं कि सात दिन बाद सूबे के  चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ही कमिश्नर अलीगढ़ बनकर आ रहे हैं। कमिश्नर भी आते ही उन समस्याओं और बिन्दुओं पर काम करने में जुट गए हैं जिसका मुख्य सचिव ने भरे सभागार में जनता से वादा किया था।
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