पक्षी विहार शेखाझील शोहदों और अय्याशों का अड्डा बन गई है। इसकी वजह प्रशासन की अनदेखी बताई जा रही है। पिछले डेढ़ वर्ष में गैंग रेप, छेड़छाड़ और लूट जैसी अनेक संगीन घटनाएं यहां घट चुकी हैं। बुधवार शाम को भी शेखाझील पर एक युवती से छेड़खानी और उसके साथी युवक से मारपीट की गई। विरोध करने पर युवती को ही झील में फेंक दिया गया। बदमाशाें ने वन्यकर्मी एवं सिपाही से भी हाथा पाईं की।
इस के बाद भी गुंड़े शांत नहीं हुए। बचते-बचाते युवक और युवती झील के गेट पर पहुंचे और 100 नंबर पर फोन करने के बाद वहां मौजूद वन्यकर्मी को घटना की जानकारी दी। इस बीच वहां से गुजर रहे नजदीकी चौकी के कांस्टेबल को भी रोककर अपनी बात बताई। इससे गुस्साए गुंड़े वन्यकर्मी और सिपाही से ही उलझ़ गए। उनसे हाथापाई की। आरोप है कि उन्हाेंने दोनों को अपनी कार से रौंदने का भी प्रयास किया। इस क्रम में सिपाही के हाथ में चोट आ गई। सिपाही ने पिलाखना की ओर भागे कार सवारों को रोकने के लिए इलाके के चौकी पर फोन किया, पर वे हाथ नहीं आए।
किसी अन्य रास्ते से निकल भागे। इसके बाद घबराए युवक-युवती वन्यकर्मियों को अपना फोन नंबर देकर घर चले गए। फोन पर बातचीत में पीड़ित युवक ने बताया कि यदि पुलिस गाड़ी के नंबर के आधार पर कार्रवाई करती तो शोहदे पकड़े जा सके थे।
अब नहीं है कोई सुरक्षाकर्मी
डेढ़ साल पहले झील पर उत्पात मचाते गुंडा तत्वों को उमर उजाला ने जब अपने कैमरे में कैद किया था तो तत्कालीन डीआईजी मोहित अग्रवाल ने झील पर चार सिपाहियों की तैनाती कर दी थी। उनके तबादले के साथ ही झील की सुरक्षा राम भरोसे हो गई।
पहले भी गुंड़े मचा चुके हैं उत्पात
डेढ़ बर्ष पूर्व भी गुंड़े शेखा झील पर उत्पात मचा चुके हैं। नव वर्ष पर वहां पिकनिक मनाने आने वालाें से अभद्रता की थी। यह क्षेत्र शहर और आसपास के लोगों के लिए बेहतर मनोरम स्थल हैं। मौका मिलते ही शांति और मनोरंजन के लिए वहां पहुंच जाते हैं।
झील की सुरक्षा को लेकर वह डीआईजी गोविंद अग्रवाल से कई बार मिल चुके हैं। उन्होंने आश्वासन तो दिया, पर अब तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं हुई। ताजी घटना विचलित करने वाली है। वह प्रशासन से मिलकर सुरक्षा का मसला उठाएंगे।
सुबोध नंदन शर्मा: अध्यक्ष , पर्यावरण विद् एवं हरीतिमा नामक संस्था
न तो युवती की ओर से कोई तहरीर मिली है और न ही मौके पर युवती मिली। फिर भी गाड़ी नंबर के आधार पर घटना की जांच कराई जाएगी।
-वीरेंद्र कुमार यादव, जलाली चौकी इंचार्ज
मामला मेरे संज्ञान में है। वृहस्पतिवार को एसपी देहात से बात कर पुलिस सुरक्षा की मांग करेंगे।
-अशोक कुमार, प्रभारी डीएफओ