अलीगढ़ में पिछले 16 दिन में 40 स्वाइन फ्लू के मरीज मिले हैं, लेकिन अब तक जांच की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में आरटी-पीसीआर मशीन की तकनीकी खामियों को दिल्ली के इंजीनियर दूर करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि 10 सितंबर से यहां स्वाइन फ्लू की जांच शुरू हो जाएगी।
जिले में 22 अगस्त को स्वाइन फ्लू का पहला मरीज आया था। इसके बाद लगातार स्वाइन फ्लू के नए मरीज आ रहे हैं। अब तक 40 मरीज हो गए हैं। जांच की सुविधा संयुक्त चिकित्सालय में शुरू नहीं हो सकी है। चिकित्सालय में स्थापित आरटी-पीसीआर लैब को तकनीकी खामी दूर होने के बाद जल्द क्रियाशील करने की तैयारी है।
मशीन में आई तकनीकी समस्या की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है। सीएमओ डॉ. रामनाथ सिंह ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है और स्वस्थ भी हो रहे हैं। वर्तमान में जिले में कोई गंभीर संक्रमित मरीज भर्ती नहीं है। सीएमओ ने कहा कि संयुक्त चिकित्सालय में संक्रमित मरीजों को भर्ती कर उपचार देने के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है।
पर्याप्त मात्रा में दवाएं और सुरक्षा उपकरण
इन्फ्लूएंजा ए और बी के मरीजों की जांच व उपचार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। कैप्सूल टेमीफ्लू के साथ पीपीई किट, वीटीएम, एन-95 मास्क, सर्जिकल मास्क, ग्लव्स और अन्य आवश्यक औषधियां और उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
आयुर्वेदिक उपाय स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि संक्रमण के दौरान संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक हो सकता है। आयुर्वेद में गुनगुना पानी, हल्दी युक्त दूध तथा अदरक-तुलसी की हल्की चाय जैसे पारंपरिक उपाय सामान्य स्वास्थ्य के लिए अपनाए जाते हैं। हालांकि इन उपायों को स्वाइन फ्लू का उपचार नहीं माना जाना चाहिए। फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच और चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार लेना जरूरी है।
कोविड के बाद रख दी गई थी आरटी-पीसीआर मशीन
चिकित्सालय में कोविड में मरीजों की जांच आरटी-पीसीआर मशीन से हो रही थी, जब कोविड नियंत्रण हो गया, तब मशीन को पैक रख दिया गया था। अब स्वाइन फ्लू की जांच के लिए दोबारा फिर यही मशीन की पैकिंग खोली गई, तो जांच में पता चला कि मशीन के पुर्जे खराब हैं। इन पुर्जों को बदला जाएगा, तब मशीन शुरू हो पाएगी।