रक्षाबंधन पर प्रशासन द्वारा रविवार को दुकानें खोलने की अनुमति देने से मिष्ठान विक्रेताओं ने राहत की सांस ली है। सभी ने जिला प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि दो दिन दुकानें खुलने से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने में आसानी होगी। विक्रेताओं का कहना है कि कोरोना संक्रमण के चलते मिठाई की बिक्री 50 फीसदी कम हुई है।
विकास स्वीट्स के स्वामी नकुल वडेरा ने कहा कि रविवार को मिठाई की दुकानें खोलने का आदेश देकर प्रशासन ने सराहनीय काम किया है। इससे ग्राहकों को ताजा घेवर एवं अन्य मिठाइयां मिल सकेंगी। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का अनुपालन कराना भी आसान हो जाएगा।
कुंजीलाल मिष्ठान भंडार के स्वामी मुदित गोयल ने कहा कि यह अच्छा निर्णय है। यदि लॉकडाउन के चलते रविवार को भी मिठाई की दुकानें बंद रहती तो उस सोमवार को दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए होम डिलीवरी सुविधा भी कर रखी है। व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है।
अग्रवाल स्वीट्स के आशीष अग्रवाल का कहना है कि कुछ नहीं से कुछ तो भला है। रक्षाबंधन वाले दिन अक्सर दोपहर 12 बजे तक का मुहूर्त होता है। दुकान सुबह 9 बजे खुलती तो मात्र 3 घंटे में ग्राहकों को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता। वैसे भी कोरोना के चलते पिछले साल की तुलना में इस साल 50 फीसदी दुकानदारी कम है।
रिद्धि सिद्धि स्वीट्स के स्वामी सुभाष सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मिठाई की दुकान खोली है। यदि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर मात्र सोमवार को दुकानें खोलने को मिलती है तो उन्हें घाटा सहन करना पड़ता। सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दुकान में मास्को सैनिटाइजर की व्यवस्था की है। यही नहीं व्हाट्सएप नंबर जांच जारी कर होम डिलीवरी की सुविधा भी की है।