वहीं पर लगी शैलेंद्र विक्रम के संयोजन वाली प्रदर्शनी ने सभी का दिल जीत लिया। प्रदर्शनी में भारतीय वाद्ययंत्रों की जानकारी दी गई कि कब-कब वाद्य यंत्रों पर डाक टिकट जारी हुए। वाद्य यंत्रों के निकट पहुंचने पर उनकी धुन बजती थी। कार्यक्रम संयोजक मनोज शर्मा ने आभार जताया। सीडीओ योगेन्द्र कुमार ने कार्यक्रम की सराहना की। विष्णु भैया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता चौधरी दिवाकर ने बच्चों को पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम में सुधीर शर्मा, डाक्टर अंशु सक्सेना, आलोक याज्ञनिक, शैलेन्द्र विक्रम, निधीशकांत भट्ट, अधिवक्ता हृदेश शर्मा, डाक्टर अभय पचौरी, अजय नेवी, विभाग सह संचालक ललित कुमार, विभाग प्रचारक गोविंद, वरिष्ठ प्रचारक कालीचरण, महानगर संघचालक अजय सराफ, विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा, सुनील चौहान, पंकज कुमार, महानगर प्रचारक रामजी, अवनीश बजरंगी, रिषभ सिंह आदि मौजूद थे।
आरएसएस के पश्चिमी यूपी के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि अलीगढ़ ने इतिहास रच दिया। स्वरों का स्पंदन कार्यक्रम अद्वितीय रहा। कमिश्नर संगीता सिंह ने मुक्तक संगीत है शक्ति ईश्वर की, हर स्वर में बसे हैं राम, रागी जो सुनाए रागिनी रोगी को मिले आराम सुनाकर गीतों के महत्व को बताया। नेह नीड़ के संस्थापक कन्हैया लाल ने कहा कि उनके जीवन में यह पहली गीतों की प्रतियोगिता है, जो उनके स्वप्न से भी परे है। गीत बचपन से उन्होंने भी गाया है, मगर इस प्रकार के ऐतिहासिक कार्यक्रम की कल्पना उन्होंने भी पहले कभी नहीं की थी।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि इस तरह की देशभक्ति के कार्यक्रम लगातार कालेज व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होते रहने चाहिए। सुनील कौशल महाराज ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की विधा को बढ़ाना ही संगीत की सबसे बड़ी तपस्या है। वृन्दावन से पधारे गोविंद दास महाराज ने कहा कि जब स्वामी हरिदास गीत गाते थे तो यमुना का जलस्तर बढ़ जाया करता था। उनके स्वर से प्रकृति भी झूम उठती थी।