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स्वरों का स्पंदन: 70 प्रतिभागियों ने बिखेरा आवाज का जादू, तोयष-आध्विक और दामिनी बने विजेता

Wed, 24 Dec 2025 09:01 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

वर्ग अ में प्रथम तोयष राघव, द्वितीय स्वर्णिम कुलश्रेष्ठ, तृतीय मेघांश रहे। वर्ग ब में प्रथम अध्विक शर्मा, द्वितीय खुशी शर्मा, तृतीय अंतरा पचौरी और उम्मे कुलसुम रहे। वर्ग स में प्रथम दामिनी चौधरी, द्वितीय अभिषेक चौहान और तृतीय योग्यता सारस्वत रहे। 
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स्वरों का स्पंदन कार्यक्रम में प्रस्तुति देती छात्रा - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से शताब्दी वर्ष पर स्वरों का स्पंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। खेरेश्वरधाम मंदिर के निकट रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में कमिश्नर संगीता सिंह, पूर्णानंदपुरी महाराज, नेह नीड़ के संस्थापक कन्हैया लाल, प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति कुमार, महक सिंघल ने दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया।

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देशभक्ति गीतों का सिलसिला शुरू हुआ तो शाम तक हर कोई मंत्रमुग्ध होकर सुनता ही रहा। प्रथम, द्वितीय, तृतीय वर्ग के 70 प्रतिभागियों ने फाइनल में प्रतिभाग किया। वर्ग अ में प्रथम तोयष राघव, द्वितीय स्वर्णिम कुलश्रेष्ठ, तृतीय मेघांश रहे। वर्ग ब में प्रथम अध्विक शर्मा, द्वितीय खुशी शर्मा, तृतीय अंतरा पचौरी और उम्मे कुलसुम रहे। वर्ग स में प्रथम दामिनी चौधरी, द्वितीय अभिषेक चौहान और तृतीय योग्यता सारस्वत रहे। 
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मुख्य निर्णायक शिल्पी अनुज, क्षेत्र संयोजक पर्यावरण रणवीर सिंह, क्षेत्र कार्यकारणी सदस्य सुशील कुमार, रूप किशोर शर्मा, कन्हैया लाल, राजाराम मित्र, चंद्रभूषण शर्मा, प्रख्यात गायक पुंडीरकाक्ष देव पाठक, लेखक व संगीतकार मधुकर चतुर्वेदी, गीतकार चन्द्रशेखर, गीत विशेषज्ञ विभाग प्रचारक कुलदीप, सचिन शर्मा, भक्ति साधना, चंद्रहास कुमार, अश्वनी ठाकुर, जय प्रकाश सारस्वत, शैलेन्द्र दीप शालू, राजेंद्र मल्होत्रा ने बच्चों के प्रतिभा की पहचान की। 

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वहीं पर लगी शैलेंद्र विक्रम के संयोजन वाली प्रदर्शनी ने सभी का दिल जीत लिया। प्रदर्शनी में भारतीय वाद्ययंत्रों की जानकारी दी गई कि कब-कब वाद्य यंत्रों पर डाक टिकट जारी हुए। वाद्य यंत्रों के निकट पहुंचने पर उनकी धुन बजती थी। कार्यक्रम संयोजक मनोज शर्मा ने आभार जताया। सीडीओ योगेन्द्र कुमार ने कार्यक्रम की सराहना की। विष्णु भैया, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता चौधरी दिवाकर ने बच्चों को पुरस्कृत किया। 
कार्यक्रम में सुधीर शर्मा, डाक्टर अंशु सक्सेना, आलोक याज्ञनिक, शैलेन्द्र विक्रम, निधीशकांत भट्ट, अधिवक्ता हृदेश शर्मा, डाक्टर अभय पचौरी, अजय नेवी, विभाग सह संचालक ललित कुमार, विभाग प्रचारक गोविंद, वरिष्ठ प्रचारक कालीचरण, महानगर संघचालक अजय सराफ, विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा, सुनील चौहान, पंकज कुमार, महानगर प्रचारक रामजी, अवनीश बजरंगी, रिषभ सिंह आदि मौजूद थे।

आरएसएस के पश्चिमी यूपी के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने कहा कि अलीगढ़ ने इतिहास रच दिया। स्वरों का स्पंदन कार्यक्रम अद्वितीय रहा। कमिश्नर संगीता सिंह ने मुक्तक संगीत है शक्ति ईश्वर की, हर स्वर में बसे हैं राम, रागी जो सुनाए रागिनी रोगी को मिले आराम सुनाकर गीतों के महत्व को बताया। नेह नीड़ के संस्थापक कन्हैया लाल ने कहा कि उनके जीवन में यह पहली गीतों की प्रतियोगिता है, जो उनके स्वप्न से भी परे है। गीत बचपन से उन्होंने भी गाया है, मगर इस प्रकार के ऐतिहासिक कार्यक्रम की कल्पना उन्होंने भी पहले कभी नहीं की थी। 
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि इस तरह की देशभक्ति के कार्यक्रम लगातार कालेज व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर होते रहने चाहिए। सुनील कौशल महाराज ने कहा कि स्वामी हरिदास जी की विधा को बढ़ाना ही संगीत की सबसे बड़ी तपस्या है। वृन्दावन से पधारे गोविंद दास महाराज ने कहा कि जब स्वामी हरिदास गीत गाते थे तो यमुना का जलस्तर बढ़ जाया करता था। उनके स्वर से प्रकृति भी झूम उठती थी। 
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