इसके बाद सभी छात्र नेता गांधीपार्क थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने आरोपी प्रोफेसर पर मुकदमा दर्ज करने को लेकर एसएचओ से वार्ता की। आरोप लगाया कि पुलिस गोपनीय शिकायत देने वाली छात्रा को डरा व धमका रही है। यहां काफी नोकझोंक के बाद एक घंटे वार्ता चली। शाम को पुलिस ने थाने की महिला दरोगा नीतू वर्मा की तहरीर पर प्रोफेसर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें छात्रा द्वारा भेजी गई गोपनीय तहरीर को आधार बनाया गया है।
आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच के लिए निर्देश के अनुसार समिति बनाई जा रही है। - अतुल गुप्ता, अध्यक्ष प्रबंध समिति एसवी कॉलेज
एसवी कॉलेज मामले में प्रोफेसर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब मोबाइल से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच भी की जाएगी। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। - मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
भाजयुमो उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, एबीवीपी के पूर्व प्रदेश मंत्री बल्देव सीटू, छात्र नेता जय यादव ने कहा कि अगर 24 घंटे में आरोपी को जेल नहीं भेजा गया तो उग्र आंदोलन होगा। साथ ही छात्रा की गोपनीयता का ध्यान रखने की भी चेतावनी दी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए अन्य छात्राओं के बयान लेने पर भी जोर दिया। इस दौरान भाजपा महानगर मंत्री संजू बजाज, भाजयुमो मंत्री हर्षद हिंदू, एबीवीपी नगर मंत्री शैलेंद्र, अरुण शर्मा, रामावतार शर्मा आरडीएक्स, अजय तोमर, छात्र नेता आदित्य पंडित आदि मौजूद रहे।
छात्रा से मिलने नोएडा पहुंची दरोगा
इस मामले में मुकदमा दर्ज करने से पहले छात्रा से मिलने मुकदमा लिखवाने वाली महिला दरोगा नोएडा भी गई। छात्रा इस समय वहीं रहकर अपनी आगे की पढ़ाई कर रही है। वहां छात्रा ने अपनी पहचान गुप्त रखने पर जोर दिया।
इस मुकदमे में पुलिस ने जो धाराएं शामिल की हैं, उनमें बिना सहमति यौन प्रस्ताव रखने या अनुग्रह करने, बेवजह पीछा करने या मुलाकात की कोशिश करने, संपर्क करने, गरिमा को ठेस पहुंचाने व निजता भंग करने की कोशिश करने, धमकी देने, सोशल मीडिया पोस्ट पर अश्लील टिप्पणी करने व आईटी संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अब तक आठ छात्राओं के संदेश मोबाइल में मिले
प्रोफेसर के मोबाइल की जांच में आठ छात्राओं को संदेश भेजने के साक्ष्य मिले हैं। उन्हें संदेश भेजकर प्रोफेसर ने अपनी ओर से डिलीट भी किया है। साथ में पंद्रह से अधिक छात्राएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने प्रोफेसर को अपने ओर से संदेश भेजने पर प्रतिबंधित कर रखा है। मामले में पुलिस स्तर से एसवी कॉलेज में अन्य छात्राओं से भी अपील की गई है कि अगर कोई अन्य छात्रा भी बयान देना चाहती है तो वह बयान दे सकती है। उसकी पहचान को गोपनीय रखा जाएगा।