शहर के जाने माने तीन अशासकीय डिग्री कॉलेजों में शुमार श्री वार्ष्णेय कॉलेज को आखिरकार आठ साल बाद नैक का बी प्लस ग्रेड मिल गया है। इससे पहले वर्ष 2007 में मिले बी प्लस प्लस ग्रेड की अवधि मार्च 2012 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद कई प्राचार्य बदले, लेकिन महाविद्यालय को ग्रेड नहीं दिला पाए। आठ साल बाद 2021 में प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय ने निरीक्षण कराकर इसका श्रेय अपने नाम कर लिया है। अब कॉलेज के सभी विभागों में शोध, शैक्षिक व विकास कार्यों को गति मिलेगी।
बता दें कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम अपने निरीक्षण के आधार पर जो ग्रेड जारी करती है। इसी ग्रेड के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ग्रांट जारी करती है। जिनके पास ग्रेड नहीं होता, उन्हें अनुदान जारी नहीं होता है। फरवरी 2021 में एसवी कालेज में प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय ने नैक की टीम से दो दिवसीय निरीक्षण करवाया। यहां पढ़ाई-लिखाई, इफ्रांस्ट्रक्चर, खेलकूद, सामाजिक सरोकार, सांस्कृतिक गतिविधियां तथा अन्य व्यावसायिक शिक्षा के स्तर और विद्यार्थियों को दिए जाने वाले माहौल का नैक की टीम ने बारीकी से निरीक्षण किया। इतना ही नहीं, कॉलेज के सभी विभागों में पहुंचकर दस्तावेजों के रखरखाव तक की जानकाली ली गई थी। निरीक्षण के बाद ग्रेड जारी कर दिया गया है। कॉलेज को बी प्लस ग्रेड मिला है। इस पर प्राचार्य व अन्य शिक्षकों ने हर्ष जताया है।
टीकाराम पर बी और डीएस कॉलेज के पास बी प्लस प्लस है ग्रेड
अलीगढ़। श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय में 2018-19 में नैक का निरीक्षण हुआ था। इसके बाद विद्यालय को पांच साल के लिए बी ग्रेड दिया गया है। वहीं डीएस कॉलेज में वर्ष 2017-18 में निरीक्षण हुआ था। डीएस कालेज को नैक की टीम ने बी प्लस प्लस ग्रेड दिया है।
ये है ग्रेड देने का सिस्टम
कॉलेजों को ग्रेड देने के लिए ए प्लस प्लस से लेकर डी ग्रेड का वर्ग रखा गया है। 3.77 से चार प्वाइंट मिलने पर ए प्लस प्लस दिया जाता है। 3.51 से लेकर 3.75 में ए प्लस, 3.50 से 3.01 में ए, 3 से 2.76 पर बी प्लस प्लस, 2.75 से 2. 51 में बी प्लस, 2.50 से 2.01 में बी, 2 से 1.51 में सी और 1.50 से नीचे डी ग्रेड दिया जाता है।