अचलताल कार्यालय पर चल रही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की बैठक में रविवार सुबह-सुबह संदिग्ध युवक के पकड़े जाने से खलबली मच गई है। कार्यकर्ताओं ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। एक दिन पहले इसी युवक ने विहिप के विभाग मंत्री रामकुमार आर्य को फोन पर उनकी जान को खतरा बताया था। जिसे सुनकर उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी थी। लखनऊ में कमलेश तिवारी की हत्या के बाद हिंदू संगठनों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता गुस्से में हैं। इसी बीच इस घटना ने पुलिस के हाथ पांव फुला दिए।
अचलताल स्थित विहिप कार्यालय में रविवार सुबह रक्तदान शिविर व महा आरती की योजना पर बैठक चल रही थी। बैठक में करीब 40 लोग मौजूद थे। बैठक में एक अनजान युवक बैठा हुआ था। शक होने पर विहिप नेताओं व कार्यकर्ताओं ने युवक से पूछताछ शुरू की। युवक अपना नाम अमित बता रहा था। उसने बताया कि वह शहर के एक प्रतिष्ठित संस्थान का बीकाम का बर्खास्त छात्र है। थाना गांधी पार्क क्षेत्र के दूबे का पड़ाव स्थित जानकीबाई धर्मशाला में रहता है। संस्थान में उसे अभी छात्रावास आवंटित नहीं हुआ है। विहिप कार्यकर्ताओं ने कहने पर उसने आईडी प्रूफ के रूप में आधार कार्ड दिखाया।
आधार कार्र्ड में युवक का नाम कृष्ण कुमार पुत्र केशर वर्मा निवासी नया पुरा नौकाना, शुक्रवारी बाजार के पास चित्रकूट, महोबा अंकित था। नाम व पता आदि में अंतर से विहिप कार्यकर्ता चौकन्ना हो गए। कुछ तो आक्रोशित भी हो गए। युवक से कुछ कार्यकर्ताओं ने पूछा कि कौन सा त्यौहार मनाते हो तो उसने करवा चौथ एवं गणेश पूजा का नाम लिया। विभाग मंत्री राम कुमार आर्य ने फोन कर गांधीपार्क पुलिस को बुलाकर युवक उनके हवाले कर दिया। रामकुमार आर्य का कहना है कि इसी युवक ने चंद रोज पहले फोन कर बताया था कि उसने शहर में ही कहीं सुना है कि कुछ लोग आपको मारने की योजना बना रहे हैं।
इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दे दी थी। युवक एक दिन पहले से ही पुलिस के रडार पर आ गया था। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से युवक की लोकेशन अचल के आसपास मिल रही था। संदिग्ध युवक ने जिस धर्मशाला में टिकने की बात बताई, वह भी झूठी निकली। दुबे का पड़ाव स्थित जानकीबाई धर्मशाला के मैनेजर रमाकांत पांडेय का कहना है कि अमित या कृष्ण कुमार नाम का कोई भी युवक उनके धर्मशाला में कमरा बुक नहीं कराया है। युवक का फोटो दिखाने पर उन्होंने पहचानने से इंकार कर दिया।
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विहिप कार्यालय से पकड़े गए युवक का नाम कृष्ण कुमार है। उसके मां-बाप को यहां बुलाया जा रहा है। उसके द्वारा विहिप नेता को फोन करने व विहिप दफ्तर में जाकर बैठने की मंशा की जांच चल रही है। उसके उद्देश्य व उसके साथियों के विषय में पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। वह मानसिक कमजोर भी लगता है। यहां अपने टिकने का पता भी नहीं बता पा रहा है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- शंभूनाथ सिंह इंस्पेक्टर गांधीपार्क
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युवक के रामपुर, प्रतापगढ़, जेएनयू के छात्रों से संपर्क
पुलिस सत्यापन में अब तक जो निकला है, उसके मुताबिक युवक मूल रूप से महोबा का ही रहने वाला है। उसके माता-पिता को महोबा पुलिस के जरिये सूचना देकर यहां बुलाया गया है। युवक ने हाल ही में एएमयू कैंपस के पास आरक्षित वर्ग के निशुल्क पढ़ाने वाले कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया है। वहीं आसपास कहीं किराये पर रूम लेकर रहने भी लगा है। अभी वह अलीगढ़ से ज्यादा परिचित भी नहीं है। इसलिए यहां के विषय में पुलिस को ज्यादा बता नहीं पा रहा।
बस इतना बताता है कि घूमते फिरते समय उसने कुछ लोगों को बात करते हुए सुना था कि वह विहिप नेता की हत्या की साजिश रच रहे हैं। इसलिए उसे लगा कि यह खबर उन तक पहुंचानी चाहिए तो उसने जानकारी कर अचल कार्यालय का पता निकाला और यहां आकर उन्हें बताने आया था। इससे पहले उनको फोन भी किया था, जिसकी सूचना पुलिस को रामकुमार ने दे दी थी। सर्विलांस जांच में पता चला कि युवक की लोकेशन एएमयू कैंपस के आसपास तो नहीं है, मगर उसके रामपुर, प्रतापगढ़ और जेएनयू के छात्रों से संपर्क जरूर हैं। वह यह संपर्क किस मंशा से हैं, यह जांच का विषय है।
अचलताल स्थित विश्व हिन्दू कार्यालय में संदिग्ध युवक सफेद शर्ट में।- फोटो : CITY OFFICE