पिता ने पुलिस के सामने जो जानकारी दी और सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाए, उसके अनुसार दिल्ली से उनका बेटा अपने चार अन्य बाइक राइडर साथियों संग चला था। इनके बीच 300 किमी से ऊपर की कोई प्रतियोगिता तय थी। इनकी बाइकों व हेलमेट पर एक दूसरे के वीडियो बनाने संबंधी 360 डिग्री के कैमरे भी सेट थे। वे कैमरे गायब हैं। इनमें से तीन तो जेवर टोल से यू-टर्न लेकर वापस चले गए, जबकि अगस्त्य व एक अन्य दुर्घटनास्थल तक आए और आसपास ही दूसरा भी वहां से यू-टर्न लेकर वापस चला गया। उसने फिर अगस्त्य के विषय में कुछ जानने का प्रयास नहीं किया। यह दूसरे का रिकार्ड तोड़ने संबंधी प्रतिद्वंद्विता में हत्या है।
300 की रफ्तार से बाइक दौड़ रही थी तो सिर्फ सिर में चोट आई और बाइक में मामूली टूट फूट हुई है। इस रफ्तार में शरीर के अन्य अंग घायल होते, बाइक भी टूट जाती। बेटे के साथ चल रहे राइडर ने अगस्त्य के परिवार से तीन घंटे बाद संपर्क किया। उसने खुद की लोकेशन बताई। परिवार मिलने गया तो वह नहीं मिला। बार-बार लोकेशन बदलने लगा। मौके पर किसी कार के पहियों के घसीटने के निशान थे। बाकी चारों अभी तक सामने क्यों नहीं आए। इसीलिए उन्होंने बेटे की मौत को हादसा नहीं हत्या माना है। इन सवालों पर खुद एसपी देहात ने सीओ खैर के साथ मौके पर पहुंचकर देर रात तक जांच की तो कुछ सवाल ऐसे हैं, जिन पर संदेह है। पुलिस ने सीसीटीवी, फॉरेंसिक जांच, अन्य चारों राइडरों से पूछताछ के लिए परिवार से तहरीर मांगी है।
सोशल मीडिया पर शोक, हरिद्वार में अंतिम संस्कार
इस दुर्घटना के बाद जैसे ही अगस्त्य की मौत की खबर प्रसारित हुई है, तब से उसके फालोअर्स सोशल मीडिया पर शोक संदेश प्रसारित कर रहे हैं। जिसमें कोई उसे हीरो तो कोई कुछ कह रहा है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजन तड़के ही शव को यहां से हरिद्वार ले गए। जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दुर्घटना के मामले में परिवार ने हत्या का अंदेशा जताते हुए कुछ सवाल खड़े किए हैं। इनमें कुछ सवाल ऐसे हैं, जो वाजिब हैं। इन पर जांच शुरू कर दी है। परिवार से तहरीर मांगी है। अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ में उन राइडरों को बुलाया जाएगा। पूछताछ व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी।- पलाश बंसल, एसपी देहात