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जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्ध मरीज रहेंगे होम आइसोलेट

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कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने शासन के निर्देश पर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब कोरोना के संदिग्ध मरीजों को सैंपल देने के बाद जांच रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेट रहना होगा। इस व्यवस्था के लिए प्रभारी डीएम के स्तर से पर्यवेक्षक से लेकर नोडल अधिकारी तक नामित किए गए हैं।
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प्रभारी डीएम ने बताया कि तहसील खैर कोरोना का हॉट स्पॉट बना हुआ है। यहां पर्यवेक्षण का जिम्मा एसडीएम न्यायिक राकेश कुमार पटेल को सौंपा गया है। खैर एसडीएम व ईओ जट्टारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कोल तहसील का नोडल अधिकारी एसडीएम कोल व ईओ पिलखना को बनाया गया है। तहसील इगलास में एसडीएम इगलास व ईओ बेसवां को नोडल अधिकारी बनाया गया है। तहसील अतरौली में ईओ अतरौली और एसडीएम अतरौली को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
खैर को छोड़कर अन्य सभी तहसीलों में पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि किसी भी हाल में कोरोना पर नियंत्रण पाना है। गांव-गांव में स्क्त्रस्ीनिंग होगी।
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वहां जो भी व्यक्ति संदिग्ध मिलेगा, उसे तत्काल दवा दी जाएंगी, साथ ही उसका सैंपल लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने तक उसे होम क्वारंटीन किया जाएगा। अगर, घर में जगह नहीं होगी तो तहसीलवार बनाए क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।
ऑक्सीजन प्लांट में विस्फोट मामले में मुकदमा दर्ज
दीनदयाल अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट में विस्फोट के मामले में अस्पताल के फार्मासिस्ट धर्मेंद्र कुमार की ओर से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। धर्मेंद्र का आरोप है कि किसी अज्ञात ने वहां आकर ऑक्सीजन गैस का प्रेशर बढ़ा दिया। इससे विस्फोट हो गया। थाना पुलिस ने इस मामले में महामारी अधिनियम, सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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