एएमयू में जांच करते डॉग स्कवायड की टीम
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले व्यक्ति की तलाश में एटीएस जुट गई है। प्रदेश के कई जिलों में एटीएस ने संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई। एटीएस ने देवरिया से एक छात्र और उसके साथी को उठाया। फिर करीब 12 घंटे तक पूछताछ करने के बाद दोनों को छोड़ दिया गया। वहीं, जिले की पुलिस भी देवरिया गई है, वहां एक संदिग्ध किशोर को पकड़ लिया है, उसे अलीगढ़ ला रही है।
यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल से दी गई थी। ईमेल भेजने वाले व्यक्ति ने दो लाख रुपये की मांग भी की थी। 8 जनवरी की रात 1:18 बजे तिवारीश्रीजयंत की ईमेल आईडी से कुलपति सहित यूनिवर्सिटी के 28 अधिकारियों को एएमयू को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद से यूनिवर्सिटी परिसर में हड़कंप मचा है। पुलिस भी लगातार जांच-पड़ताल कर रही है।
यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी के मामले की जांच पुलिस के अलावा लखनऊ एटीएस ने अपने हाथों में ले लिया। एटीएस ने अपनी जांच में पाया कि ईमेल आईडी देवरिया की है। इसके बाद टीम 10 जनवरी की शाम देवरिया पहुंची। एटीएस लखनऊ की टीम ने 11 जनवरी को शहर के उमानगर से दो युवकों को उठाया और गोपनीय जगह रखकर दोनों से पूछताछ की। आरोप है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने के लिए ई-मेल के जरिए धमकी के तार इन्हीं दोनों युवकों से जुड़े हैं। पूछताछ के बाद टीम लखनऊ लौट गई।
वहीं, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि अलीगढ़ पुलिस की एक टीम भी देवरिया गई है, जिसने एक किशाेर को हिरासत में ले लिया है, उसे पुलिस अलीगढ़ ला रही है। उधर, 11 जनरवरी को भी बाबे सैयद से गुजरकर जेएन मेडिकल कॉलेज या जमालपुर के रास्ते की तरफ जाने वाले अनजान व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। इस संबंध में यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्हें उम्मीद है कि धमकी देने वाले व्यक्ति के बारे में जल्द ही सुराग लग जाएगा।