वाणिज्यकर की एसआईबी टीम द्वारा बुधवार को महानगर की प्रमुख हार्डवेयर निर्यातक फर्म प्लस प्वाइंट के चार ठिकानों पर शुरू किया गया सर्वे आधी रात को पूरा हो सका। इस दौरान 98 लाख की आईटीसी से जुड़े प्रपत्र और 2 करोड़ के माल के प्रपत्र नहीं दिखाए जा सके हैं। जिसे लेकर नोटिस जारी कर दो दिन का समय देते हुए ब्योरा मांगा गया है।
वाणिज्यकर के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 आरएन शुक्ला व एसआईबी के एडिशनल कमिशनर ग्रेड-2 यूपी सिंह के निर्देशन में चार टीमें डीसी एसआईबी राजेश कुमार सिंह व पंकज कुमार सिंह की अगुवाई में प्लस प्वाइंट बिल्ड वेयर की मदर यूनिट पला रोड के साथ-साथ ताला नगरी सहित चार ठिकानों पर बुधवार सुबह ही पहुंच गईं थीं।
इस दौरान सर्वे आधी रात तक चला। माल व प्रपत्रों के मिलान में बहुत कुछ नहीं मिला और रात तक माल की तोलाई आदि का काम चला। इसके बाद टीम वहां से चली गई। इस संबंध में डीसी एसआईबी पंकज कुमार सिंह बताते हैं कि इस फर्म में 98 लाख की आईटीसी संबंधी प्रपत्र नहीं दिखाए जा सके हैं। मतलब जो कच्चा माल खरीदा गया है, उस पर इतनी आईटीसी बनती है, जिसकी खरीद का ब्योरा नहीं है।
इसी तरह 2 करोड़ का माल भी ऐसा है, जिसके प्रपत्रों में कमी है। हालांकि मौके पर फर्म स्वामी ने अपनी दलील दी हैं, जिसे लेकर नोटिस जारी कर दो दिन का समय दिया गया है। फर्म स्वामी के जवाब के आधार पर आगे कार्रवाई तय की जाएगी। बता दें कि पिछले दिनों इन फर्मों को कच्चे माल की आपूर्ति देने वाली फर्मों के खरीद बिक्री के कुछ संदिग्ध बिल मिले थे। इसी आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर यह छानबीन शुरू की गई है।
वजन के मिलान का दिया जाएगा जवाब : राजीव
फर्म स्वामी हार्डवेयर निर्यातक राजीव अग्रवाल का कहना है कि वे हर काम एक नंबर में करते हैं। कुछ कच्चा माल छोटी फर्मों से आता है। उसका ब्योरा वैसे तो हम लेते हैं। फिर भी कभी तौल आदि में माल का वजन इधर से उधर हो जाता है। औसत में वजन लिखा जाता है।
वही माल के वजन के अंतर पर उनके यहां सर्वे में सवाल खड़ा किया गया है। उन्होंने दो दिन का समय इस अंतर का हिसाब देने के लिए दिया है। फिलहाल उन्होंने डिलीवरी रोक दी है। अब वजन व खरीद बिक्री का मिलान कर रहे हैं। जवाब दिया जाएगा।