मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंगलवार देर रात सभी विभागों के प्रमुख सचिवों के साथ की गई उच्च स्तरीय बैठक के बाद प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम, ईंधन बचत और खाद्य तेल के सीमित उपयोग जैसे कड़े, लेकिन दूरगामी फैसले लिए गए हैं। सरकार के इस कदम का अलीगढ़ के औद्योगिक, कारोबारी और शैक्षणिक संगठनों ने पुरजोर समर्थन किया है। जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच आत्मनिर्भरता की दिशा में यह एक ऐतिहासिक फैसला है।
जो कार्य ऑफिस के बाहर से संभव हैं, उनमें वर्क फ्रॉम होम लागू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे सीधे तौर पर ईंधन की बड़ी बचत होगी।
-आलोक झा, इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (आईआईए) के अध्यक्ष
स्वदेशी को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय निर्भरता कम करने के लिए यह फैसला बेहद कारगर साबित होगा। सभी को इसमें सहयोग देने के लिए तैयार रहना चाहिए।
आशुतोष वार्ष्णेय, अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष
संसाधनों का दुरुपयोग चिंताजनक है। अक्सर एक कार में एक ही व्यक्ति चलता है, जिसे नियंत्रित करना वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक है।
विवेक बगई, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महामंत्री
खाद्य तेल पर नियंत्रण और बाजार की स्थिति : खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने के फैसले को व्यापारियों ने सराहा है। महावीरगंज मंडी के थोक कारोबारी हर्ष गुप्ता ने बताया कि सरकार ने अब तक पेट्रोलियम और आयातित खाद्य वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब घरेलू उत्पादन पर निर्भरता बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय परिवहन शुल्क की बचत होगी।
मध्याह्न भोजन : संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज गिरी ने बताया कि स्कूलों में मिड-डे मील में इस्तेमाल होने वाले तेल की कटौती बुधवार से ही प्रभावी हो जाएगी।
एएमयू हॉस्टल : एएमयू के डीएसडब्ल्यू प्रो. मोहम्मद अतहर अंसारी ने कहा कि हॉस्टल के डाइनिंग हॉल में परोसे जाने वाले भोजन में तेल की मात्रा कम करने के लिए सभी प्रोवोस्ट के साथ बैठक कर कार्ययोजना बनाई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग : जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जगबीर सिंह ने भी पुष्टि की है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले आहार में तेल की मात्रा को मानक के अनुरूप कम किया जाएगा।
ईंधन आत्मनिर्भरता की राह
अलीगढ़ पेट्रोलियम एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य ठा. कुशलपाल सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी मुद्रा की बचत के लिए अनिवार्य कदम है।
विवेक बगाई।- फोटो : samvad