फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एफडीआई की जांच में खुलासा: एएमयू में 13 साल से बगैर लाइसेंस मीट की सप्लाई, मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

Sun, 16 Feb 2025 11:33 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सुलेमान हॉल में पहुंची और खाने की जांच की। छात्रों के भी बयान दर्ज किए गए। जांच में खाद्य विभाग को पता चला कि एएमयू के सुलेमान हाल में जो सप्लायर मीट की सप्लाई कर रहे हैं उनके पास लाइसेंस ही नहीं है। जबकि बगैर लाइसेंस के मीट की आपूर्ति की नहीं जा सकती।
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पिछले तेरह साल से बगैर लाइसेंस के ही मीट की सप्लाई की जा रही है। जिन सप्लायरों के नाम सामने आए हैं उनमें से किसी के पास भी मीट सप्लाई का लाइसेंस ही नहीं है। एफडीए की टीम द्वारा की गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब सप्लायरों पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग ने एएमयू प्रशासन को नोटिस देकर कहा है कि आगे से उनके सभी डाइनिंग हॉल में खाने की जांच की जाएगी। इसके लिए प्रशासन से भी मदद मांगी है।

विज्ञापन


एएमयू के सर शाह सुलेमान हॉल में 8 फरवरी को रविवार के लंच में बीफ बिरयानी परोसे जाने से संबंधित नोटिस जारी हुआ था। यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों ने एएमयू प्रशासन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। इससे बाद एएमयू में आने वाले मीट की जांच की मांग गूंजने लगी।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम 13 फरवरी को सुलेमान हॉल में पहुंची और खाने की जांच की। छात्रों के भी बयान दर्ज किए गए। जांच में खाद्य विभाग को पता चला कि एएमयू के सुलेमान हाल में जो सप्लायर मीट की सप्लाई कर रहे हैं उनके पास लाइसेंस ही नहीं है। जबकि बगैर लाइसेंस के मीट की आपूर्ति की नहीं जा सकती।

एएमयू के डायनिंग हॉल में होने वाली खाद्य सामग्री की जांच के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी गई है। हम यहां पर होने वाली मीट सप्लाई करने वालों की सूची बना रहे हैं। उनको नोटिस भेजे जाएंगे और दोषी पाए जाने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। - दीनानाथ यादव, मंडलीय सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा

विज्ञापन
Trending Videos

एएमयू के छात्रों को हर रोज एक वक्त खाने में दिया जाता है मीट

एएमयू में कुल 20 आवासीय हॉल हैं। इनमें कुल करीब 19 हजार विद्यार्थी रहते हैं। इनको प्रतिदिन नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना दिया जाता है। प्रतिदिन एक बार के खाने में मीट रहता है। शुक्रवार को दोनों समय मीट दिया जाता है।

यह है एएमयू में मीट की खपत की स्थिति
एएमयू में एक दिन में 700 किलो मीट की खपत हो जाती है। शुक्रवार को दोनों समय मीट बनता है। इस तरह महीने में करीब 24 हजार किलो मीट की खपत हो जाती है। इसमें हफ्ते में दो दिन मुर्गे का मीट भी शामिल रहता है। अन्य दिनों मटन और भैंसा शामिल है।

सुलेमान हॉल से लिया मीट का नमूना जांच के लिए भेजा
बीफ पकाए जाने की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वहां से नमूने भरे। टीम के साथ पशु पालन विभाग की टीम भी थी। पशु पालन विभाग की टीम ने भी नमूना लिया है। जो इस बात की जांच के लिए भेजा गया है कि पकाया गया मीट किस वंश के पशु का है।
विज्ञापन

फूड एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट में बिना लाइसेंस आपूर्ति, भरे आठ नमूने

एएमयू के आवासीय हॉल ही नहीं बल्कि यहां परिसर में चल रहे फूड एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट में ही खाने की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आई है। यहां पर भी जो फर्म सप्लाई कर रही है उस के पास भी लाइसेंस नहीं है। इसी के चलते यहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने आठ खाद्य वस्तुओं के नमूने भरे हैं। इन नमूनों में स्ट्रॉबेरी केक विद एग, केक बेस विदआउट एग, चुकंदर का हलवा, इटेलियन पाश्ता, रिफाइंड सोयाबीन तेल, मैदा, चीनी और मक्के का आटा शामिल हैं। यहां पर 150 छात्र प्रशिक्षण पाते हैं। यह छात्र जो खाना बनाते हैं उसे स्वयं भी खाते हैं।
विभाग को फूड एंड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। जिसके बाद वहां पहुंच कर नमूने भरे गए हैं। इनको जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। यहां पर बिना लाइसेंस के ही खाद्य सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी। अब जांच के बाद आपूर्ति कर्ता पर कार्रवाई की जाएगी। - दीनानाथ यादव, मंडलीय सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें