लखनऊ में मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड के तार अलीगढ़ से जुड़ रहे हैं। इस हत्याकांड में शामिल हरदुआगंज का रहने वाला शूटर राजेश तोमर पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी सुनील राठी गैंग का सदस्य माना जा रहा है। वह कुछ साल पहले तक शहर के खैर रोड पर एक ऑटो वर्कशॉप पर नौकरी करता था और वर्कशॉप स्वामी से उसकी गहरी दोस्ती थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस जिला पंचायत सदस्य के भाई वर्कशॉप स्वामी को लखनऊ पुलिस अपने साथ ले गई है। संकेत हैं कि वर्कशॉप स्वामी की मदद से पुलिस राजेश तोमर तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
पुलिस सूत्रों की मानें तो मूल रूप से छलेसर आगरा के सत्यप्रकाश अपनी ससुराल हरदुआगंज आकर बस गए थे। उनके तीन बेटों में एक राजेश तोमर दिल्ली में रहते आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। जानकारी में आया है कि इसी बीच वह किसी के जरिये बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के आरोपी पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी सुनील राठी के गैंग से जुड़ गया। कुछ साल पहले तक यानि दिल्ली जाने से पहले राजेश यहां देहली गेट के खैर रोड जलालपुर में रहने वाले एक जिला पंचायत सदस्य के भाई के ऑटो वर्कशॉप पर नौकरी करता था और वर्कशॉप स्वामी से उसकी दोस्ती भी थी।
दो दिन से राजेश तोमर की खोज में जिले में ही डेरा डाले रही लखनऊ पुलिस टीम ने बुधवार को हरदुआगंज में दबिश दी। इसके बाद बृहस्पतिवार रात में खैर रोड पर वर्कशॉप स्वामी को दबिश देकर हिरासत में लिया। इसके बाद उसे अपने साथ लखनऊ ले गई। हालांकि जानकारी में आया कि कुछ साल पहले राजेश ने यहां से नौकरी छोड़ दी थी। मगर, दोस्ती होने के कारण वर्कशॉप स्वामी मोबाइल पर उससे संपर्क में रहता था। पुलिस को अंदेशा है कि वह राजेश के विषय में सूचनाएं उपलब्ध करा सकता है और उस तक पहुंचने का माध्यम भी बन सकता है।
इधर, चर्चा हरदुआगंज से राजेश की पत्नी को भी साथ ले जाने की है। मगर इस बात की पुष्टि नहीं हो रही। लखनऊ से यही जानकारी मिली है कि चार-पांच लोगों को हिरासत में ले जाकर पूछताछ की जा रही है। इधर, इंस्पेक्टर देहली गेट आशीष कुमार सिंह ने स्वीकारा कि लखनऊ पुलिस यहां से एक युवक को ले गई है। पुलिस से मदद मांगी थी। जिसे पुलिस ले गई है, उसका हमारे यहां कोई क्राइम रिकार्ड नहीं है। हां, हरदुआगंज निवासी राजेश तोमर नाम के दिल्ली के क्राइम रिकार्ड वाले शूटर की तलाश में पुलिस उसे ले गई है।