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गर्मी उमस ने किया बुरा हाल, पहुंचा रही अस्पताल

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ओएलएफ स्कूल के बाहर चिलचिलाती धूप में गर्मी से बेहाल बच्ची। - फोटो : CITY OFFICE
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जुलाई का पहला सप्ताह निकल गया लेकिन बारिश नहीं हुई। लोगों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। इन दिनों उमस भरी गरमी रिकार्ड तोड़ रही है। आलम ये है कि एसी - कूलर के सामने से हटकर घर से बाहर निकलना दूभर हो रहा है। ऐसे में तपती दोपहरी और उमस भरी गरमी में बच्चों का स्कूल से घर लौटना कितना कष्टप्रद होता है। इसका अंदाजा उनके हालात देखकर ही लगाया जा सकता है। इधर, गर्मी में मौसमी बीमारियों के कारण पीड़ितों की संख्या दीन दयाल संयुक्त चिकित्सालय और जिला मलखान सिंह अस्पताल में मरीजों की कतार लगी हुई है और संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
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उम्मीद थी कि मानसून जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में ही आ जाएगा। इस बार मानसून विलंब से आने का अनुमान है। जानकारों की मानें तो 10 जुलाई के आसपास ही बारिश की उम्मीद है। ऐसे में बिना बारिश उमस और तपती दोपहरी ने हाल बेहाल कर रखा है। दो दिन से स्कूल खुलने पर पढ़ाई करके दोपहर में लौट रहे छोटे बच्चों बेहाल है। उन्हें भीषण गर्मी के साथ-साथ जाम बी परेशान कर रहा है।
अस्पतालों की हालत देख डॉक्टर नहीं हो रहे कार्यमुक्त
प्रदेश भर में डॉक्टरों के तबादले के क्रम में जिले से भी 32 डॉक्टरों का गैरजनपद तबादला हुआ है। उनके स्थान पर नए डॉक्टर यहां नहीं भेजे गए है। इसके चलते अपने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी, इमरजेंसी व अन्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा था। जिसे ध्यान में रखते हुए अब नए डॉक्टरों के आने तक पुराने डॉक्टरों को कार्यमुक्त न करने का निर्णय लिया है।
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सीएमओ डॉ.नीरज त्यागी के अनुसार जिला अस्पताल, दीनदयाल अस्पताल सहित जिले से जितने भी डॉक्टरों के तबादले हुए हैं, उन्हें अभी कार्यमुक्त न करने का निर्णय लिया गया है। जब तक नए डॉक्टर नहीं आ जाते, तब तक इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। ताकि यहां की सेवाएं प्रभावित न हों। क्योंकि इन दिनों बीमार लोगों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक है। बुधवार को गर्मी के कारण दीनदयाल अस्पताल तथा जिला मलखान सिंह चिकित्सालय में मरीजों की कतार लगी हुई थी। चिकित्सकों के अनुसार ओपीडी में डायरिया, त्वचारोग. बुखार, उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या अधिक है।
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