पारिवारिक कलहों में जिले में बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर आत्महत्या की चार घटनाएं हुई हैं। इन चारों के शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पहला प्रकरण देहली गेट के एडीए शाहजमाल से जुड़ा है। यहां मूल रूप से अतरौली के गांव गनियावली निवासी 22 वर्षीय जाकिर पुत्र शमीम अहमद ने मंगलवार रात घर में फांसी लगाकर जान दी है। सुबह जब परिजन जागे तो इस घटना की जानकारी हुई। खबर पर पुलिस भी पहुंच गई। पिता शमीम अहमद के अनुसार जाकिर काम न मिलने के कारण चिड़चिड़ा हो गया था और घर में छोटी-मोटी बात पर विवाद करने लगा था। इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया है। वह सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। दूसरी घटना दादों क्षेत्र के नाह में हुई, जहां 50 वर्षीय लज्जावती पत्नी विपिन कुमार ने घरेलू कलह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह तीन बच्चों की मां थी। तीसरी घटना गांधीपार्क के डोरी नगर में हुई। यहां मूल रूप से बरला के गांव ऊतरा निवासी 35 वर्षीय खिल्लू चौधरी पुत्र साहूकार कार चालक परिवार का पालन करने थे। उन्होंने भी रात में घर में फांसी लगा ली। सुबह खबर पर पुलिस पहुंची तो जांच में घरेलू कलह ही सामने आई। उनके पीछे पत्नी ममता देवी व दो बच्चे हैं, जिनका हाल-बेहाल है। चौथी घटना मडराक क्षेत्र के गांव शाहपुर में हुई, जहां 25 वर्षीय गवेंद्र सिंह पुत्र हरि सिंह ने आत्महत्या की है। वह पत्नी वर्षा के पांच महीने से मायके से न आने के कारण परेशान थे। इस शव को भी पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
ननिहाल में किशोर फंदे पर झूला, मौत
लोधा क्षेत्र में गोंडा रोड के गांव बड़ा गांव अकबरपुर में ननिहाल में रह रहे किशोर का शव बुधवार सुबह संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला है। मूलरूप से खैर के गोंदोली के योगेश की कई साल पहले मौत हो चुकी है। उनका बेटा बचपन से ही यहां अपनी ननिहाल में नाना इंद्रजीत सिंह के पास रहता था। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वाकये के अनुसार बुधवार सुबह बिजली कर्मी मीटर रीटिंग के लिए घर पहुंचा। तभी किशोर का शव फंदे पर झूलता मिला। इस सूचना पर इंस्पेक्टर लोधा गजराज सिंह मौके पर पहुंच गए। जांच में पाया कि घटना के समय उसके नाना खेत पर गए थे, जबकि मामा बाहर रहता है। हालांकि प्रथम दृष्टया घटना आत्महत्या की लग रही है। फिर भी मामले में जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम में तस्वीर साफ होगी।