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23 हजार रुपये का चीनी ऑक्सीजन कन्संट्रेटर पड़ रहा 90 हजार रुपये का

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आशीष निगम, अलीगढ़।
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वर्तमान में जारी ऑक्सीजन संकट कई कोरोना मरीजों की जान ले चुका है। बाजार में ऑक्सीजन कन्संट्रेेटर बमुश्किल मिल रहे हैं। पांच लीटर वाले चाइनीज ऑक्सीजन कन्संट्रेेटर की कीमत 23 हजार रुपये है, लेकिन केंद्र सरकार ने चीन से सीधे इसके आयात पर रोक लगा रखी है, जिस कारण अब ये चाइनीज ऑक्सीजन कन्संट्रेेटर वाया मलयेशिया होकर भारत आ रहे हैं।
इसकी वजह से 23 हजार का ऑक्सीजन कन्संट्रेेटर 75 हजार रुपये का पड़ रहा है, जीएसटी मिला कर इसकी कीमत 90 हजार रुपये हो जाती है। इसके अलावा, बाजार में इन दिनों 60 रुपये वाला थर्मामीटर 170 रुपये का है। सर्जिकल ग्लब्स का 110 रुपये का पैकेट 400 रुपये में बिक रहा है। 350 रुपये में मिलने वाला ऑक्सीमीटर 1200 रुपये में हैं। जबकि सैनिटाइजर की बोतलों में लगने वाला मिस्ट पंप 3.50 रुपये से 14 रुपये में पहुंच गया है।
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अलीगढ़ रिटेल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग गुप्ता और महामंत्री उमेश श्रीवास्तव ने कहा कि इसके अलावा कई दवाओं की भी कमी चल रही है, जिससे फुटकर दुकानदार जनता को मांगी गई दवाएं तक नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को दोबारा से विचार कर ऑक्सीजन कन्संट्रेेटर सहित अन्य मेडिकल उपकरण चीन से मांगने की छूट देकर टैक्स में राहत देनी चाहिए, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।
उमेश श्रीवास्तव ने बताया कि पैरासिटामाल में 20 से 30 फीसदी, जिंकोविट 30 प्रतिशत, आइवर मैक्टिन 50 से 100 फीसदी, लिम्सी 20 प्रतिशत, मोंटेयर एलसी 15 प्रतिशत महंगी हो गई हैं, मैडरोल 4 एमजी, 8 एमजी और 16 एमजी दवा नहीं मिल रही है। एजीथ्रोमायसीन 40 प्रतिशत महंगी, डाक्सीसाइक्लिन का 240 का डिब्बा 600 रुपये का हो गया है। नारफ्लोक्स टीजेड के भी दाम 25 फीसदी बढ़ गए हैं। कारबुल प्लस सूंघने और भाप वाला कैप्सूल भी महंगा हुआ है।
मोदी सरकार करे विचार : सपा
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी और महानगर महासचिव मनोज यादव ने अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाओं और इंजेक्शन की कमी के लिए शासन प्रशासन को आड़े हाथ लिया है। नेताओं ने कहा कि चीन से आने वाले मेडिकल उत्पाद सस्ते पड़ते हैं लेकिन वर्तमान मोदी सरकार की नीतियों से जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
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जिला प्रशासन ने अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने का निर्देश दिया है, क्योंकि ये प्लांट महंगा पड़ता है। इसलिए अस्पताल वाले इसको नहीं लगा रहे हैं। ऐसे में आक्सीजन कन्संट्रेटर एक बेहतर विकल्प है, लेकिन सरकार के अड़ियल रैवये ने कीमतें तीन गुना से अधिक बढ़ा दी हैं। मोदी सरकार को दोबारा सोचना चाहिए, जिससे लोगों की जान बचाई जा सके।
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