रिपोर्ट में यह जवाब आया कि कु.ज्योति का परीक्षा केंद्र व प्रशिक्षण केंद्र का बायोमीट्रिक यानि अंगूठा मिलान अलग-अलग है। इस आधार पर यह माना गया है कि परीक्षा केंद्र पर उसके स्थान पर किसी अन्य ने परीक्षा दी। इसी क्रम में भर्ती बोर्ड के निरीक्षक सत्येंद्र सिंह ने लखनऊ कमिश्ररेट में पिछले वर्ष नवंबर माह में यह मुकदमा दर्ज कराया।
दरोगा भर्ती परीक्षा में शामिल हुई युवती के अंगूठा मिलान भिन्न होने पर लखनऊ में दर्ज मुकदमे की विवेचना यहां भेजी गई है। चूंकि परीक्षा केंद्र बन्नादेवी क्षेत्र में था, इसलिए अब बन्नादेवी पुलिस विवेचना करेगी। आगे जो तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर कार्रवाई होगी। यह जानने का प्रयास होगा कि यहां उस आवेदक युवती के स्थान पर किसने परीक्षा दी। इस कृत्य में कितने लोग शामिल रहे।-राजीव द्विवेदी, सीओ द्वितीय
दरोगा भर्ती परीक्षा में जिस परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक मिलान में फर्जीवाड़े का भेद खुला है। उस केंद्र पर 25 नवंबर 2021 को एसटीएफ ने छापा मारा था। यहां कंप्यूटर पर ऑनलाइन परीक्षा में सेंधमारी का खेल पकड़ा था। एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र की दीवार से सटे एक कमरे में पूरा कंप्यूटर सेटअप पकड़ा था। जो परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे आवेदकों को ऑनलाइन प्रश्रपत्र हल करा रहा था। यह सुविधा उन्हीं आवेदकों के लिए थी, जो इसके लिए धन दे रहे थे।
इस नेटवर्क में 11 आरोपियों को पकड़ा गया, जिन्हें बाद में जिले में डी-84/2022 नंबर से पंजीकृत भी किया गया। इस पंजीकृत गैंग का सरगना मथुरा बल्देव के जमुना नगर नेरा के मोहन सिंह को बनाया गया। जो वर्तमान में आगरा सिकंदरा में रहता है। बाकी उसके साथियों में जमालपुर सिया गभाना का भूरा उर्फ रोहित, खैर नारायनपुर का योगेंद्र, प्रदीप, योगी उर्फ योगेश, कुलदीप, उमेश, सुरक्षा विहार का दीपक, गायत्री नगर का दीपक, राजवीर सिंह, परीक्षा केंद्र करा रही कंपनी का सेंटर इंचार्ज उत्तराखंड हरिद्वार व मोहन सिंह के गांव का बिट्टू भारती था।