केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने11वीं और 12वीं कक्षाओं के सिलेबस में कोरोना वायरस को शामिल करने का फैसला किया है। इससे न केवल युवा पीढ़ी इस वायरस को लेकर जागरूक होगी, बल्कि समाज में इससे बचने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। यह विचार सीबीएसई की कोआर्डिनेटर व डीपीएस की प्रिंसिपल आरती निगम ने व्यक्त किए हैं। उन्होंने बोर्ड के इस फैसले को एक अच्छा फैसला बताया है।
सीबीएसई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मेंटल हेल्थ विषय में कोरोना वायरस को शामिल किया है। बोर्ड के अनुसार कोविड-19 की पढ़ाई तीन संकाय (साइंस, कॉमर्स व आर्ट) के छात्रों को करनी होगी। इस पाठ में छात्रों को कोरोना वायरस के लक्षण और इनसे बचने के उपायों के बारे में बताया जाएगा।
इससे छात्र छात्राएं कोरोना वायरस की चुनौतियों के बारे में बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। सीबीएसई कोआर्डिनेटर आरती निगम ने बताया कि पहले डिजास्टर मैनेजमेंट की पढ़ाई होती थी। कोरोना वायरस भी एक डिजास्टर की तरह है। ऐसे में शिक्षक और छात्र मिलकर कोरोना संबंधित जानकारी हासिल कर पाएंगे। हालांकि बच्चे, शिक्षक और स्कूल प्रबंधन कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन कर रहे हैं, फिर भी पाठ्यक्त्रस्म में शामिल होने से विद्यार्थी अन्य लोगों को जागरूक कर पाएंगे। वहीं सिलेबस में शामिल होने से और भी रुचि से कोरोना वायरस को पढ़ेंगे। इससे वायरस जैसी बीमारियों से बचने के बारे में बच्चों तथा शिक्षकों को पहले से ही पता होगा। बोर्ड ने कोरोना को पाठ्यक्त्रस्म में शामिल कर एक अच्छा फैसला लिया है।