राजा तिवारी, अलीगढ़।
शहर में कोटा से विद्यार्थियों का आना लगातार जारी है। सोमवार सुबह से आ रही बसों से अलीगढ़ के छात्र छात्राएं उतर रहे हैं। रविवार-सोमवार रात में सफर कर अलीगढ़ पहुंचने वाले छात्र छात्राओं से बात की गई तो उन्होंने कहा कि रातभर नींद नहीं आई है। सुनसान सड़कों पर बस दौड़ती रही। उन्होंने बताया कि वहां दाल के नाम पर पानी मिलता था और सब्जी के नाम पर आलू। खाने की गुणवत्ता गिरती जा रही थी।
गभाना की नेहा तिवारी पुत्री अवनीश कुमार तिवारी ने बताया कि वहां से हॉस्टल खाली होने लगे थे। 50 लड़कियों के हॉस्टल में 15 छात्राएं ही बची थीं। खाने का स्तर गिरने लगा था। पढ़ाई भी बाधित हो गई थी। स्थिति बिगड़ने लगी तो घर आना ही उचित समझा। गूलर रोड निवासी शिवानी वार्ष्णेय ने बताया कि रात भर नींद नहीं आई। बस सुनसान सड़कों पर बढ़ती चली जा रही थी। परिजनों से जल्द मिल जाऊं तो तसल्ली मिलेगी। सफर काफी थकान वाला रहा। धनीपुर मंडी क्षेत्र के वैष्णो रॉयल निवासी धर्मेंद्र कुमार राजपूत ने बताया कि खाना नहीं मिल रहा था। पांच पांच दिनों तक पूड़ी सब्जी तो एक आध बार वह भी नहीं आता था। एक दिन तो दोनों टाइम खाना नहीं आया। 150 रुपये किलो के हिसाब से ब्लैक में एलपीजी गैस खरीदी। अंडे खाकर काम चलाया। सिकंदराराऊ की मानसी ने बताया कि सब सामान्य रहा, लेकिन ऐसे आपातकाल में अपनों से दूर होने की बेचैनी भी रही। रातभर नींद नहीं आई। पूरा सफर खुली आंखों से ही तय किया था। इन्हीं के साथ सफर तय कर रहीं डिबाई के अहमदगढ़ ढक नगला निवासी पायल सोलानिया भी अलीगढ़ उतरीं। उनकी मां ने बताया कि वह डिबाई आई हुई हैं। स्क्रीनिंग होने के बाद उनका भाई पायल को डिबाई पहुंचाएगा।
जल्द घर जाने की जिद पर अड़ी युवती
कोटा से अलीगढ़ पहुंचने पर सभी विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। सभी के स्लाब का नमूना लेकर जांच के लिए जेएन मेडिकल कालेज भेजा जा रहा है। ऐसे में प्रशासन सभी विद्यार्थियों के ठहरने के लिए होटल और खाने पीने के इंतजाम करने में लगा हुआ है। सोमवार दोपहर अलीगढ़ पहुंची एक युवती घर जाने की जिद पर अड़ी रही। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दो जगह स्क्रीनिंग हुई। वहां दो घंटे के अंदर रिपोर्ट आ गई थी। ऐसे में जल्दी टेस्ट करो और घर के लिए रवाना करो। परिजन परेशान हैं। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाया कि प्रशासनिक कार्यवाही अपने अनुरूप चलेगी। आपको यहां कोई परेशानी नहीं होगी। प्रोटोकॉल को हम फॉलो करेंगे। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही घर जा सकेंगे। मजबूरन युवती ने बात मानी और प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए कमरे में आराम करने चली गईं।
खुद ही उठाना पड़ा सामान
मस्कट फार्म हाउस पहुंची सिकंदराराऊ की मानसी को एक रूम मिल गया। साथ में लाईं दो बड़े भारी बैग और दो छोटे बैग को इधर से ऊधर उठाने लगीं। इस दौरान एक बैग अधिक भारी था तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि सामान उठाने में मदद कर दो। इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा कि मैडम सामान नहीं उठा सकते हैं। प्रोटोकॉल के खिलाफ है। किसी भी तरीके से आपको और आपके सामान को छुआ नहीं जाएगा। इस पर मानसी बैग को घसीटते हुए अंदर ले जाने लगीं तो परेशानी देखकर पुलिसकर्मियों ने प्रशासन की गाड़ी लगा दी। कहा कि पीछे रख दो अंदर गाड़ी सामान पहुंचा देगी, लेकिन बैग को हम किसी भी तरह छू नहीं सकते हैं। इस प्रकार यहां प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखा गया और सामान उठाने में मानसी को मदद भी मिल गई।
{{ बस में चल रहे चालक व पुलिसकर्मी भी हैं परेशान
अलीगढ़। कोटा से विद्यार्थियों को लेकर आई आगरा डिपो की एक बस में सवार चालक मेघ सिंह ने बताया कि दो दिन पहले कोटा के लिए आगरा से रवाना हुए थे। एत्मादौला थाने से पुलिस कर्मी प्रहलाद सिंह व धर्मवीर सिंह को भेजा गया था। रविवार दोपहर तीन बजे कोटा से रवाना हुए। पूरी रात बस चलती रही। सुबह सात बजे के लगभग 30 में से एक सवारी फतेहपुर सीकरी पर उतारी गई। वहां से अन्य रूट के बच्चों को अलग बस में बैठाया गया। हाथरस, अलीगढ़ होते हुए मेरठ रूट के 30 छात्र-छात्राएं बस में बैठाए गए। इनमें से एक आगरा में उतर गया। बाकी 12 छात्र-छात्राएं अलीगढ़ उतरे। अलीगढ़ में जब बात की गई तो बताया कि रात का खाना कोटा से मिला था। सुबह से चाय नहीं मिली है। नाश्ता कब मिलेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है। इस दौरान अलीगढ़ में एक व्यक्ति ने केले और कुछ संतरे पकड़ाए तो विद्यार्थियों के साथ मिल बांटकर खाए और आगे के लिए रवाना हुए। पुलिसकर्मियों और चालक ने कहा कि देश के लिए ड्यूटी जरूरी है। इससे परिवार भी पलेगा और यह बच्चे अपने परिवार तक भी पहुंचेंगे। ऐसे में हालात जो भी हों, ड्यूटी निरंतर जारी रहेगी।
कोटा से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या हुई 123
अलीगढ़। कोटा से आने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एक एक बस से चार से दस की संख्या में विद्यार्थी अलीगढ़ उतर रहे हैं। ऐसे में सोमवार शाम छह बजे तक अलीगढ़ पहुंचने वाले विद्यार्थियों की संख्या 123 हो गई। आज 101 छात्र-छात्राओं को यहां लाया गया। इन सभी विद्यार्थियों को जिला प्रशासन शहर के बाहर विभिन्न होटलों में ठहरा रहा है। इन सभी की जांच की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही घर के लिए रवाना किया जा रहा है। इन विद्यार्थियों को खाना खिलाने की व्यवस्था भी प्रशासन स्तर से की जा रही है।