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कोतवाली-देहली गेट में अघोषित कर्फ्यू, इलाका छावनी में तब्दील

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देहली गेट के उस्मानपाड़ा की भटियारन वाली गली और उसके करीब दो किमी दूरी पर अलहदादपुर नीवरी में सोमवार दोपहर को दो पॉजिटिव केस मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन डीएम-एसएसपी के निर्देश पर दोनों इलाकों को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर एक-एक किमी दायरे में इलाकों को सील कर दिया गया। चूंकि गोविंद नगर का एक किमी दायर पहले से हॉटस्पॉट होने के कारण सील था। इसलिए अब देहली गेट और कोतवाली इलाकों में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात बन गए हैं। दोनों इलाके छावनी में तब्दील कर दिए गए हैं और मजिस्ट्रेटों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। इस दायरे में आने वाले सभी परिवारों के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण होगा। इन लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं हैं। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की जाएगी। अगर, किसी ने इस आदेश का उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार देर शाम तक इलाके में सैनिटाइजिंग अभियान जारी रहा।
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सोमवार को जिला प्रशासन लॉक डाउन में जनपद वासियों को छूट देने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच जेएन मेडिकल कालेज से दो कोरोना पॉजिटिव केस मिलने की सूचना आई। इसके बाद बैठक में डीएम ने नगर निगम, जिला पंचायती राज विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट करते हुए दोनों इलाकों में डेरा डालने के निर्देश दिए। इलाकों को छावनी घोषित कर दिया। तत्काल नगर निगम की सैनिटाइजिंग टीम को भेजा गया। मेडिकल टीम ने उस्मानपाड़ा निवासी 55 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के घर को घेर लिया। इलाके को पुलिस ने सील किया।
मेडिकल टीम ने आसपड़ोस के रहने वाले लोगों के सैंपल लेने शुरू कर दिए। इधर, पुलिस ने इलाके में मुनादी कर लोगों चेतावनी दी कि कोई भी अपने घरों से बाहर नहीं निकलेगा। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की जाएगी। साथ ही पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया कि जो भी इलाके का व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव या उसके परिवार के संपर्क में आया है तो उसकी जानकारी खुद से ही पुलिस प्रशासन की टीम को दे दे। जानकारी छिपाने वालों के खिलाफ पुलिस विधिक कार्रवाई करेगी।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी सीडीओ अनुनय झा हैं। उनके नेतृत्व में समस्त कार्रवाइयों के निर्देश दिए गए हैं। दोनों इलाकों में पर्याप्त मात्रा में पुलिस फोर्स लगाया गया है। दोनों इलाकों के एक किमी के दायरे के हर घर के प्रत्येक सदस्य का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। नगर निगम द्वारा हर घर को सैनिटाइज किया जा रहा है। सील किए क्षेत्र में किसी को भी घर से निकलने या आने-जाने की अनुमति नहीं है। घर-घर में डोर टू डोर होम डिलीवरी की जाएगी, जिसके लिए एडीएम वित्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
उस्मानपाड़ा की भाटियारन गली का रहने वाले कोरोना पॉजिटिव के बारे में पुलिस को सूचना मिली तो तत्काल वह मेडिकल टीम के साथ उसके घर पहुंच गई। पुलिस को देख घर मौजूद उसके बेटे ने अंदर से गेट लगा लिया। पुलिस के काफी प्रयास के बाद भी उसने गेट नहीं खोला और पड़ोसी की छत से होकर भाग गया। पुलिस ने जैसे-तैसे पड़ोसियों को उसके घर के भीतर भेजकर अंदर से दरवाजा खुलवाया। उसके बाद घर को सैनिटाइज किया। इसी बीच कोरोना पॉजिटिव का बहनोई भी वहां पहुंच गया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। उसका भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही बहनोई से पूछताछ कर पूरे परिवार की ट्रेवल हिस्ट्री और हाल में घर पर आए लोगों की जानकारी आदि निकाली जा रही है। इधर, मेडिकल कॉलेज से उसका परिवार भी गायब हो गया है। इसके परिवार में 8 बेटे, 4 बेटी व पत्नी बताई गई है। जिनका कोई सुराग नहीं लग रहा है। सभी की सरगर्मी से तलाश चल रही है। यह व्यक्ति घास की मंडी में मीट की दुकान चलाता था।
स्वास्थ्य विभाग को बहनोई के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक, 55 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव शुगर का मरीज था। लंबे समय से उसका जेएन मेडिकल कालेज के एक डाक्टर की देखरेख में देहली गेट इलाके के निजी अस्पताल में उपचार भी चल रहा था। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिवार वाले उसे उक्त डाक्टर की सलाह पर ही जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। इससे पहले शनिवार को सेंटर प्वाइंट के एक लैब में एक्सरे भी कराने की जानकारी मिल रही है। फिलहाल, स्वास्थ्य महकमे से लेकर पुलिस महकमा तक उसके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाने में लगा है। इधर, देहली गेट इलाके के अस्पताल संचालक से भी पुलिस जानकारी निकालने में लगी है कि आखिर वह कब-कब इलाज के लिए आया और उसके संपर्क में कितने लोग आए।
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