बाबरी मंडी में उपद्रव के दौरान गोली लगने से घायल हुए तारिक की मौत के बाद शहर में तनाव के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। वहीं, तारिक को श्रद्धांजलि देने के लिए शनिवार की देर शाम एएमयू छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। यूनिवर्सिटी सर्किल पर रोकने पर छात्र पुलिस से भिड़ गए और तीखी नोकझोंक हो गई। छात्रों की मांग थी कि वह कलक्ट्रेट तक जाएंगे।
लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें सर्किल पर ही रोक दिया और यहीं पर ज्ञापन ले लिया। ज्ञापन में तारिक की हत्या के अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई है। इसे लेकर एएमयू छात्रों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
शनिवार सुबह तारिक की मौत की सूचना के बाद एएमयू छात्रों ने इस मौत को नरसंहार का नाम दिया और शाम को कैंडल मार्च की घोषणा की। तय कार्यक्रम के तहत छात्र यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी पर इकट्ठा हुए। यहां से आर्ट्स फैकल्टी, जनसंचार विभाग, स्टाफ क्लब होते हुए बाब ए सैयद पर पहुंचे। यहां पर एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह और सीओ अनिल समानिया पहले से ही मौजूद थे। लेकिन छात्र यूनिवर्सिटी सर्किल तक आ गए और कलक्ट्रेट पहुंच कर ज्ञापन देने की मांग करने लगे।
एएमयू एडमिनिस्ट्रिेटिव ब्लाक के बाहर लगे बैरीकेड्स अब हटा दिए गए हैं, इसलिए छात्र आसानी से सर्किल तक पहुंच गए। यहां पर पुलिस ने उनको रोक लिया। इस दौरान छात्रों की पुलिस से नोकझोंक हुई लेकिन बाद में छात्रों को सर्किल पर ही ज्ञापन देने के लिए मना लिया गया।
सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि हर बार बाब ए सैयद पर ही छात्रों का ज्ञापन लिया जाता है। आज छात्रों का ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। 60-70 छात्र आए थे। वह कलक्ट्रेट जाने की मांग कर रहे थे। लेकिन उन्हें बताया गया कि बाब ए सैयद पर ही उनके ज्ञापन लिए जाते रहे हैं। वह भी यहीं ज्ञापन दे दें। मगर वह नहीं माने। बाब-ए-सैयद से बाहर आ गए। उन्हें बताया गया कि तारिक की हत्या के आरोपी विनय वार्ष्णेय को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अन्य मांगों के लिए ज्ञापन ले लिया गया है। छात्रों पर लाठीचार्ज आदि की बात गलत है। छात्रों के ज्ञापन को शासन तक पहुंचा दिया जाएगा। वहीं उन्होंने बताया कि निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद कैंपस से बाहर आने और एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाक से आगे जाने, सड़क जाम करने व सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने का मुकदमा पुलिस की ओर से छात्रों पर दर्ज किया गया है। इसमें आरिफ त्यागी, इमरान जलाली, जैद शेरवानी, पाली आदि सात-आठ नामजद किए गए हैं और 50-60 अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं।