अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सर जियाउद्दीन हॉल के कमरा नंबर जैड-34 में पुलिस दबिश के दौरान भागे एमसीए छात्र शहबाज उर्फ छोटू और उसके साथी यासिर कश्मीरी को पुलिस ने 12 मई को जम्मू कश्मीर के किस्तवाड़ से गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को इन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
इनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार पिछले सप्ताह जब एएमयू छात्रों सहित कुछ युवक डकैती की योजना बनाते हुए पकड़े गए थे, जिनके पास से हथियार मिले और हथियार सप्लाई करने की बात उनके द्वारा स्वीकारी गई।
उनसे पूछताछ में उजागर हुआ कि एफएम टावर में फायरिंग की घटना के बाद एएमयू से भागा शहबाज भी उनके गिरोह का सदस्य है। उसके अलावा एएमयू का पूर्व छात्र यासिर कश्मीरी भी गिरोह से जुड़ा हुआ है। यासिर मूल रूप से किस्तवाड़ जम्मू कश्मीर के सिरसी दक्षिण गांव का रहने वाला है और नगला पटवारी में किराये पर रहता है।
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने शहबाज की तलाश में एएमयू के जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल के कमरा नंबर जैड-34 में दबिश दी तो यह दोनों भाग गए थे। इनके कश्मीर में होने की जानकारी के बाद एसएसपी ने एक टीम कश्मीर भेजी, जहां 12 मई को एक किराये के मकान से दोनों को दबोच लिया। पांच दिन के ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को यहां लाया गया। पूछताछ के बाद दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। इनमें यासिर पर आठ व शहबाज पर सात अपराध दर्ज हैं।
सीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान शहबाज व यासिर ने एफएम टावर इलाके में हुई फायरिंग की घटना में शामिल होना स्वीकार किया। घटना के समय यासिर बाइक चला रहा था। इसके साथ ही पिछले सप्ताह जेल भेजे गए गिरोह के साथ हथियार तस्करी में शामिल रहना स्वीकारा है। नकली नोटों के विषय में शहबाज ने इतना ही बताया कि वह तो उसे कहीं से मिल गए थे तो उन्हें बस बेवजह अपने कमरे में रख लिया था। फायरिंग में प्रयुक्त पिस्टल को ही पुलिस ने दबिश के दौरान बरामद किया था। पिस्टल और कारतूस हथियार सप्लायर गिरोह से ही उन्हें मिले थे।
पुलिस के अनुसार शहबाज ने कमरे में मिले फर्जी दस्तावेजों के विषय में भी बताया कि उसने खुद के एएमयू में दाखिले के लिए ही दूसरे प्रपत्र बनवाए थे। अब पुलिस उनकी संबंधित शिक्षण संस्थान व जारी कर्ता संस्थान से जांच करेगी कि वह प्रपत्र फर्जी तो नहीं हैं।
अपने घर नहीं ले गया था यासिर, किराये पर रहे दोनों
पुलिस दबिश के दौरान शहबाज व यासिर दोनों ही कमरे से भागे थे। एएमयू में पढ़ाई छूटने के बाद यासिर ने किराये पर कमरा ले रखा था, लेकिन अधिकांश समय वह शहबाज के साथ ही रहता था। भागने के बाद वे दिल्ली के जरिये सीधे कश्मीर ही पहुंचे थे। मगर वहां वह अपने घर पर शहबाज को लेकर नहीं गया। बल्कि वहां भी किराये पर कमरा ले लिया था।
यह था मामला
एक समारोह स्थल पर गाड़ी हटाने के विवाद में कुछ लोगों ने एफएम टावर पर जाकर फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक की तो एक आरोपी की पहचान मंजूरगढ़ी निवासी एएमयू में एमसीए द्वितीय वर्ष के छात्र शहबाज उर्फ छोटू के रूप में हुई थी।
पुलिस ने उसकी तलाश में एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉल के जफर अहमद सिद्दीकी हॉस्टल के कमरा नंबर जैड-34 में दबिश दी तो वहां से मैग्जीन, कारतूस, नकली नोट, शहबाज के फर्जी दस्तावेजों के अलावा बरेली के भोजपुरी धौर्रा टांडा के एएमयू के एमसीए छात्र मो.आकिल के नाम के आधार-पैनकार्ड, पासपोर्ट, मूल निवास प्रमाण पत्र व हाईस्कूल-इंटर के दस्तावेज के अलावा मुरादाबाद के ही एएमयू एमसीए छात्र का लैपटॉप भी मिला। पुलिस ने कमरा सील कर थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी।
-शहबाज व उसका साथी हथियार सप्लाई गैंग से भी जुड़े थे। अभी दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया है। बाकी पूछताछ होनी है। कुछ जानकारियां दी हैं। बाकी जानकारी के लिए उन्हें फिर से रिमांड पर लिया जाएगा।-आदित्य बंसल, एसपी सिटी
एमयू ने भी छात्र शहबाज को किया था निलंबित
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने एमसीए द्वितीय छात्र शहबाज को निलंबित करते हुए यह माना था कि उसने एएमयू में दाखिले के लिए दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा किया है। इसी आधार पर अपराध में संलिप्त छात्र को निलंबित करने के साथ उसके कैंपस में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया था। अब उसके पास से मिले फर्जी दस्तावेजों की बोर्ड से जांच कराई जा रही है।
चार पीजी छात्रों को कमरे से बाहर कर रह रहा था शहबाज
एएमयू व पुलिस की अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि एफआईआर में आरोपी शहबाज अपने साथियों सहित जबरन रह रहा था। सर जियाउद्दीन हॉल का यह कमरा जैड-34 एएमयू के ही पीजी छात्र सालिम, माइज, यूसुफ व फवाद के लिए आवंटित था। वह इन चारों को भगाकर खुद यहां अवैध रूप से रह रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे अपनी गाड़ी से भगाने में मदद करने वाले एक साथी को भी जेल भेजा था।