शनिवार की सुबह अलीगढ़ के आसमान पर छाई धुंध को देखकर एकबारगी लोगों को लगा कि यह सर्द मौसम में सुबह के समय छाई रहने वाली धुंध है। जल्द ही आसमान साफ हो जाएगा। लेकिन जैसे जैसे वक्त गुजरा साफ हो गया कि यह दिल्ली के आसमान पर छाई प्रदूषण की गर्द है जो अब एनसीआर क्षेत्र में भी फैल गया। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद आतिशबाजी का यह बारूदी धुआं अभी वातावरण से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
शनिवार को इस धुएं के चलते आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और एलर्जी आदि महसूस की गई। चिकित्सक इस तरह की गर्द को बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताते हैं।
प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विकास मल्होत्रा कहते हैं कि इस समय एयर में वेलोसिटी (वात गति) नहीं है। तापमान भी गिर रहा है। इसी कारण वातावरण में मौजूद सभी तरह के पार्टिकल उपर नहीं जा पा रहे हैं। इसमें फोग के साथ स्मोग भी शामिल है। इसमें जबदस्त प्रदूषण है।
क्या हंै फौरी उपाय
- बच्चों को मास्क लगाकर बाहर भेजें
- बच्चे जब घर आएं तो ताजा पानी से आंख और मुंह धोएं
धुंध में इंडियन मेड साइकिलिंग प्रतियोगिता के दौरान एक बच्चे को बचाने के चक्कर में एक साइकिलिस्ट का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद उसके पीछे के 13 साइकिलिस्ट आपस में भिड़कर चुटैल हो गए। सभी को इस स्पर्धा से डिस क्वालीफाई कर दिया गया। इनमें हरियाणा का मलकिस, गुजरात का अभिमन्यु, उत्तराखंड का विकास, महाराष्ट्र का कासलीन, झारखंड का जोको खुंडी, कर्नाटक का विनोद पांडेय, कश्मीर का वाहिद, जेएंडके का अंजिल, राजस्थान का राजू राम, गुजरात का मुजफ्फर अली, हरियाणा मलचिस, मेरठ का शिवम कसाना तथा तेलंगाना का नागा राजू शामिल हैं।
धुंध में इंडियन मेड साइकिलिंग प्रतियोगिता के दौरान एक बच्चे को बचाने के चक्कर में एक साइकिलिस्ट का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद उसके पीछे के 13 साइकिलिस्ट आपस में भिड़कर चुटैल हो गए। सभी को इस स्पर्धा से डिस क्वालीफाई कर दिया गया। इनमें हरियाणा का मलकिस, गुजरात का अभिमन्यु, उत्तराखंड का विकास, महाराष्ट्र का कासलीन, झारखंड का जोको खुंडी, कर्नाटक का विनोद पांडेय, कश्मीर का वाहिद, जेएंडके का अंजिल, राजस्थान का राजू राम, गुजरात का मुजफ्फर अली, हरियाणा मलचिस, मेरठ का शिवम कसाना तथा तेलंगाना का नागा राजू शामिल हैं।
आसमान में छाई धुंध ने साइकिल रेसरों की रफ्तार भी थाम दी। शनिवार को शुरू हुई 21वीं नेशनल रोड साइकिलिंग प्रतियोगिता 2016-17 के पहले दिन धुंध की वजह से मुकाबले एक घंटे देरी से शुरू हुए। निर्धारित सात में से मात्र चार स्पर्धाएं ही हो सकीं। वहीं झारखंड का एक साइकिलिस्ट बेहोश हो गया तो एक साइकिलिस्ट का संतुलन बिगड़ने से 12 अन्य रेसर आपस में भिड़ कर गिर पड़े। उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
जीटी रोड एनएच-91 भुकरावली में 21वीं सीनियर, जूनियर एवं सब जूनियर चार दिवसीय बाल व बालिका नेशनल रोड साइकिलिंग चैंपियनशिप शनिवार से आरंभ हुई। पहले दिन धुंध के खेल ने खिलाड़ियों समेत आयोजकों को भी खूब छकाया। सूर्य के दर्शन न होने के चलते प्रतियोगिता निर्धारित 7.30 बजे के स्थान पर एक घंटे की देरी से सुबह 8.30 बजे आरंभ हुई।
सुबह 7.30 बजे से 30 किमी की वूमेन एलीट प्रतियोगिता शुरू होनी थी। इसके बाद 8.30 बजे से 30 किमी की मैन जूनियर प्रतियोगिता का नंबर था। 11 बजे ओपनिंग सेरेमनी तथा 12 बजे से 20 किमी की आर्डिनरी इंडियन मेड साइकिल रेस होनी थी, लेकिन धुंध की वजह से पहली प्रतियोगिता एक घंटे की देरी से शुरू होने पर दूसरी स्पर्धा को टालकर ओपनिंग सेरेमनी करानी पड़ी।