डूडा के पीएम स्वनिधि पटल के अनुसार जिले में 21220 डिजिटल सक्रिय वेंडर हैं। इन्होंने अपने यहां डिजिटल लेनदेन को प्राथमिकता दी। इस तरह कैश बैक के रूप में इन वेंडरों ने 400 से 500 रुपये तक हर महीने हासिल किए। इस पैसे से ही इन्होंने ऋण के ब्याज की रकम 300 से 350 रुपये तक अदा किया।
अलीगढ़ नगर निगम क्षेत्र के 21220 स्ट्रीट वेंडर ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत अपने कारोबार को आगे बढ़ने के लिए ऋण लिया था। इन्होंने डिजिटल पेमेंट व्यवस्था अपनाकर 82 लख रुपये कैश बैक हासिल किया। इस कैश बैक से लिए गए ऋण की ब्याज की रकम 81 लाख रुपये को चुकाया और एक लाख रुपया अपने पास बतौर लाभ भी रखा।
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पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को कारोबार में सहायता के लिए 15 हजार रुपये का ऋण दिया जाता है। इस ऋण को वापस करके वेंडर 25 हजार और इसको भी वापस कर देता है तो 50 हजार ऋण तक के लिए पात्र हो जाता है। इस पर सात फीसदी ब्याज सरकार देती है जबकि शेष ब्याज की राशि वेंडर देता है।
डूडा के पीएम स्वनिधि पटल के अनुसार जिले में 21220 डिजिटल सक्रिय वेंडर हैं। इन्होंने अपने यहां डिजिटल लेनदेन को प्राथमिकता दी। इस तरह कैश बैक के रूप में इन वेंडरों ने 400 से 500 रुपये तक हर महीने हासिल किए। इस पैसे से ही इन्होंने ऋण के ब्याज की रकम 300 से 350 रुपये तक अदा किया। साथ ही कुछ लाभांश अपने पास रखा।
बैंकिंग सेवाओं में डिजिटल प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दी जा रही है। यह पारदर्शी है और सुविधाजनक है। 21 हजार वेंडरों का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आना संकेत है कि यह वित्तीय रूप से जागरूक हो रहे हैं और कैश बैक के जरिये अपने ऋण को ब्याज मुक्त कर ले रहे हैं। - अशोक कुमार सोनी, लीड बैंक मैनेजर
केस-1 ऋण की ब्याज कैश बैक से दी
सब्जी विक्रेता मोहित प्रजापति ने डेढ़ साल पहले पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेते हुए 10 हजार का ऋण लिया। ऋण सफलता पूर्वक अदा किया। साथ ही ऋण की ब्याज भी डिजिटल पेमेंट से आए कैशबैक से अदा की। इस तरह अब वह 25 हजार रुपये का ऋण लेने का हकदार है।
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केस-2- ग्राहकों के लिए सुविधा जनक डिजिटल पेमेंट
दुबे के पड़ाव पर सब्जी और फ्रूट वेंडर रोहित ने स्वनिधि का लाभ लेते हुए 10 हजार का ऋण लिया। ब्याज की अदायगी अपने यहां डिजिटल पेमेंट से हासिल हुए कैश बैक से की। रोहित के मुताबिक यह ग्राहकों के लिए भी बहुत सुविधा जनक है।