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जट्टारी नगर पंचायत: गलियों में लगवाई गईं स्ट्रीट लाइटें खराब, लोगों ने स्वयं ही अपने दरवाजों पर टांग लिए बल्ब

Sun, 11 Jan 2026 04:34 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

कस्बे के जरतौली मोड़, खैर बस स्टैंड, उसरह बाईपास रोड, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, सिनेमा हॉल, खाटू श्याम मंदिर हैं, लेकिन एक भी तिराहे-चौराहे पर हाई मास्ट लाइटें नहीं लगीं। जरतौली मोड़ जैसे अति व्यस्त रहने वाले तिराहे पर भी स्ट्रीट लाइट ही लगी हैं, उनमें भी अधिकांश खराब हैं।
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मोहल्ला नई बस्ती, माधेनगर में स्ट्रीट लाइटें खराब होने पर घरों पर लगे बल्व - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जिम्मेदारी तो जट्टारी नगर पंचायत की है कि सभी रास्तों और गलियों में रात के समय प्रकाश रहे लेकिन नगर पंचायत ऐसा नहीं कर सकी। लिहाजा लोगों ने स्वयं से अपने-अपने घरों के बाहर बल्ब टांग रखे हैं ताकि रात के समय गली में रोशनी रहे और अंधेरे में गलियों में हादसे, घटनाओं से वह सुरक्षित रह सकें।

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वार्ड संख्या सात के मोहल्ला नई बस्ती की गलियों में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगीं। यहां लोगों ने अपने घरों के बाहर स्वयं से बल्ब टांग रखे हैं, जिससे रात के अंधेरे में रोशनी रहती है। मोहल्ला माधोनगर की एक गली में लोगों ने अपने दरवाजों पर बल्ब नहीं लगाए तो उसमें शाम होते ही घना अंधेरा छा जाता है।

खास बात यह है कि कस्बे के प्रमुख रास्तों पर छह तिराहे-चौराहे जरतौली मोड़, खैर बस स्टैंड, उसरह बाईपास रोड, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, सिनेमा हॉल, खाटू श्याम मंदिर हैं, लेकिन एक भी तिराहे-चौराहे पर हाई मास्ट लाइटें नहीं लगीं। जरतौली मोड़ जैसे अति व्यस्त रहने वाले तिराहे पर भी स्ट्रीट लाइट ही लगी हैं, उनमें भी अधिकांश खराब हैं। छुट्टा पशुओं की वजह से यहां पर हादसे का खतरा हर समय बना रहता है।

हाई मास्ट लाइटें नगर पंचायत में आ गई हैं। जल्द ही उनको कस्बे के प्रमुख तिराहे-चौराहों पर लगवाया जाएगा। जिन गली-मोहल्लों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायत मिली है उन्हें सही करवाया जा रहा है।- अरविंद सिंह, अधिशासी अधिकारी

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तमाम प्रयास के बाद स्ट्रीट लाइट लगी, लेकिन खराब होने के बाद उन्हें बदला नहीं गया। बिना लाइट के अंधेरे गली में रहने की मजबूरी है। अंधेरे में असामाजिक तत्वों का खतरा रहता है। -डॉ. सुनील कुमार
गलियों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। सुबह जल्दी दूध लाने के लिए जाने अथवा देर शाम गली में निकलने पर डर लगता है। अंधेरे में छुट्टा पशुओं से हादसे का खतरा भी बना रहता है। -आशा, गृहिणी
हैरानी की बात है कि दिन में स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं। इन्हें बंद करने वाला काेई नहीं है। यह जनता के पैसे की बर्बादी है। नगर पंचायत इनमें ऑटोमेटिक सिस्टम लगाए। -बृजेश देवी दुकानदार
कोहरे के कारण वैसे ही कुछ नहीं दिखता, ऊपर से स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। आदर्श नगर पंचायत का बोर्ड तो लगा दिया, पर काम साधारण भी नहीं हो रहा।- डॉ. विनीला सिंह, प्राचार्य, निजी महाविद्यालय
हमारी गली में बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन आज तक लाइन नहीं खींची गई। गली में स्ट्रीट लाइटें भी नहीं लगी। पीछे की गली से तार खींचकर लोग घरों में बिजली जला रहे हैं। -जयंती, गृहिणी

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लेकिन दिन में जलतीं रहतीं स्ट्रीट लाइटें

रात के समय भले ही नगर पंचायत रोशनी नहीं दे पा रही, लेकिन दिन के उजाले में नगर पंचायत से लगी स्ट्रीट लाइटें जरूर जलती रहती हैं। इससे लोगों को भले ही कोई फायदा नहीं मिल रहा, लेकिन नगर पंचायत का बिजली का बिल जरूर बढ़ रहा है।

जट्टारी नगर पंचायत पर एक नजर
  • आबादी : 21238
  • मकान : करीब 5800
  • वार्ड : 13
  • मोहल्ला : 15
  • जलकर : देय नहीं
  • गृहकर वसूली : करीब 47 लाख (वार्षिक)
  • लगीं तिरंगा लाइटें : 100
  • लगीं स्ट्रीट लाइटें : 1725
  • प्रमुख तिराहे-चौराहे : 06
  • लगीं हाई मास्ट लाइटें : 00
  • प्रस्तावित स्ट्रीट लाइटें : 200
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