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जुनैद की कहानी: एएमयू से की पीएचडी, खोली म्यूचुअल फंड कंपनी, घाटा होने के बाद शुरू कर दी ठगी

Sat, 08 Aug 2026 05:17 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जुनैद लोगों को अमीर बनने का ऐसा सपना दिखाता था कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई उसके पास ले आते थे। वह लोगों को यह लालच देता था कि यदि वे पैसे निवेश करेंगे, तो उन्हें हर महीने 30 से 40 हजार रुपये तक का भारी-भरकम रिटर्न मिलेगा।
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गिफ्तार जुनैद अहमद - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जुनैद अहमद ने 2019 में एएमयू से ही पीएचडी करने के बाद एक म्यूचुअल फंड कंपनी की शुरुआत की। शुरुआत में उसे कुछ फायदा हुआ। बाद में उसे बहुत घाटा हुआ। इस घाटे से उबरने और तुरंत पैसा कमाने के लिए उसने 2022 में साईना फाइनेंशियल एडवाइजर नामक फर्जी कंपनी शुरू की। इसके बाद उसने ठगी की शुरुआत कर दी।

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अपनी उच्च शिक्षा और पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाकर वह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों, कर्मचारियों और आम लोगों को आसानी से अपने जाल में फंसा लेता था। उसने शहर के पॉश इलाके मैरिस रोड पर ऑफिस खोल रखा था, ताकि लोग उसके हाई-फाई दफ्तर को देखकर आसानी से उस पर भरोसा कर सकें।

ठगी का शिकार हुए एएमयू के एक कर्मचारी नजीरूल हसन निवासी फिरदौस नगर ने जन शिकायत प्रकोष्ठ और थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने और उसकी पत्नी ने विभिन्न माध्यमों से कुल छह लाख रुपये जुनैद और उसके सहयोगियों के कहने पर निवेश किए थे। दो साल बीत जाने के बाद भी जब कोई रिटर्न नहीं मिला और पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और दफ्तर बंद करके फरार हो गए। 
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यह भी पढ़ें ... UP: एएमयू से पीएचडी कर ठगने लगा प्रोफेसर-डॉक्टर व हाई प्रोफाइल को, दबोचा, ऐसे करता था ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी रातों-रात अपने सभी फोन बंद कर अलीगढ़ छोड़कर भाग गए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी जुनैद अहमद के खिलाफ थाना क्वार्सी, थाना सिविल लाइन और थाना रोरावर में पांच केस दर्ज हैं। पुलिस इस बड़े वित्तीय घोटाले के अन्य पहलुओं और फरार चल रहे अन्य सहयोगियों की तलाश में गहन छानबीन कर रही है। अलीगढ़ से भागने के बाद भी जुनैद अपने घर छिपकर आता-जाता रहता था। इस बार उसके आने की भनक पुलिस को लग गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एएमयू कर्मचारियों सहित अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोपी जुनैद अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके नेटवर्क की और उसके सहयोगियों की पुलिस जांच कर रही है। ठगी का शिकार हुए लोगों की रकम वापसी इस बात पर निर्भर करेगी कि जुनैद की संपत्ति कितनी है। यह विधिक प्रक्रिया का हिस्सा है।-सर्वम सिंह, सीओ तृतीय

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छह लाख के निवेश पर हर महीने 40 हजार तक रिटर्न का झांसा
जुनैद लोगों को अमीर बनने का ऐसा सपना दिखाता था कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई उसके पास ले आते थे। वह लोगों को यह लालच देता था कि यदि वे पैसे निवेश करेंगे, तो उन्हें हर महीने 30 से 40 हजार रुपये तक का भारी-भरकम रिटर्न मिलेगा। शुरुआती कुछ महीनों तक कुछ लोगों को छोटे रिटर्न देकर उसने भरोसा जीता और जब लोगों ने बड़ी रकम लगा दी, तो वह दफ्तर बंद कर फरार हो गया।

इस बड़े वित्तीय घोटाले में जुनैद अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन जैसे कई सहयोगी भी शामिल थे। ठगी की रकम सीधे जुनैद के खाते में आने के बजाय उसके इन कर्मचारियों और सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस अब इस वित्तीय घोटाले के अन्य पहलुओं को खंगाल रही है और फरार चल रहे उसके सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

कुछ महीनों में ही रकम दोगुनी करने का झांसा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बाजार में उपलब्ध सामान्य योजनाओं जैसे बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार से कई गुना अधिक और तय मुनाफे का झांसा देता और कहता कि कुछ ही महीनों में पैसा डबल हो जाएगा। किसी से कहता कि हर महीने मोटा फिक्स रिटर्न मिलेगा। शुरुआती कुछ हफ्तों और महीनों तक निवेशकों को समय पर छोटा-मोटा रिटर्न भी दिया। इससे निवेशकों का भरोसा हो गया। इसके बाद निवेशकों ने अंधाधुंध विश्वास करके अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और खुद की बड़ी जमापूंजी जुनैद की फर्जी कंपनी में लगा दी।
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