छह लाख के निवेश पर हर महीने 40 हजार तक रिटर्न का झांसा
जुनैद लोगों को अमीर बनने का ऐसा सपना दिखाता था कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई उसके पास ले आते थे। वह लोगों को यह लालच देता था कि यदि वे पैसे निवेश करेंगे, तो उन्हें हर महीने 30 से 40 हजार रुपये तक का भारी-भरकम रिटर्न मिलेगा। शुरुआती कुछ महीनों तक कुछ लोगों को छोटे रिटर्न देकर उसने भरोसा जीता और जब लोगों ने बड़ी रकम लगा दी, तो वह दफ्तर बंद कर फरार हो गया।
इस बड़े वित्तीय घोटाले में जुनैद अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन जैसे कई सहयोगी भी शामिल थे। ठगी की रकम सीधे जुनैद के खाते में आने के बजाय उसके इन कर्मचारियों और सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। पुलिस अब इस वित्तीय घोटाले के अन्य पहलुओं को खंगाल रही है और फरार चल रहे उसके सहयोगियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कुछ महीनों में ही रकम दोगुनी करने का झांसा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बाजार में उपलब्ध सामान्य योजनाओं जैसे बैंक एफडी, म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार से कई गुना अधिक और तय मुनाफे का झांसा देता और कहता कि कुछ ही महीनों में पैसा डबल हो जाएगा। किसी से कहता कि हर महीने मोटा फिक्स रिटर्न मिलेगा। शुरुआती कुछ हफ्तों और महीनों तक निवेशकों को समय पर छोटा-मोटा रिटर्न भी दिया। इससे निवेशकों का भरोसा हो गया। इसके बाद निवेशकों ने अंधाधुंध विश्वास करके अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और खुद की बड़ी जमापूंजी जुनैद की फर्जी कंपनी में लगा दी।