आंधी-बारिश से आम की फसल को नुकसान हुआ है। खरबूज-तरबूज के साथ हरी सब्जियों को भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है।
रविवार तड़के आई आंधी-बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। सबसे ज्यादा परेशान आम और सब्जी पैदा करनने वाले किसानों की है। कस्बा निवासी रहीस नंबरदार, खानपुर के बच्चू चौधरी बताते हैं कि इस बार आम में सबसे पहले मैंगो हॉपर नाम की बीमारी आई। इससे किसानों को राहत मिली भी नहीं थी कि इसके बाद तीन बार की आंधी से ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए हैं।
कच्चा फल ही काफी गिर गया, उत्पादन पर असर
आंधी से इस बार आम का कच्चा फल ही पेड़ से काफी संख्या में गिर गया। इससे उनका काफी नुकसान हुआ है। इस बार आम की फसल से काफी उम्मीद थी। अतरौली क्षेत्र में दशहरी, चौंसा, समेत आम की कई वैरायटी होती हैं। अतरौली का आम दूर-दूर तक मशहूर है लेकिन इस बार कम पैदावार से लोगों को अतरौली के आम की भरपूर मिठास मिलने पर असर पड़ेगा।
फसलों का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग
बारिश से खरबूज और तरबूज की फसल में पानी भर जाने से काफी नुकसान हुआ है। टमाटर, लौकी, तोरई व खीरा में भी बरसात के कारण परेशानी होगी। बरसात के पानी से इसमें कीड़ा लगने की आशंका रहती है। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी, केपी मिस्त्री, डॉ. रवेंद्र पाल सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि आम और अन्य फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को शासन से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएस जिससे किसानों को राहत मिल सके।