जातीय हिंसा फैलाने की साजिश के मामले में एसटीएफ ने भी अपनी जांच-पड़ताल तेज कर दी है। एसटीएफ ने इस मामले में दो मुकदमों से संबंधित पत्रावलियां हासिल कर ली हैं और उसी की विवेचना में लगी है। इसमें राष्ट्रद्रोह की संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे के अलावा कांग्रेस के नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी शामिल है। इस मुकदमे की विवेचना भी एसटीएफ को दी गई है।
उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देश पर कोतवाली चंदपा में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था कि बिटिया के प्रकरण की आड़ में प्रदेश में जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई थी। राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में कायम इस मुकदमे की विवेचना अब एसटीएफ कर रही है। वहीं इस सिलसिले में दर्ज एक और मुकदमे की विवेचना भी एसटीएफ ही कर रही है।
यहां के अलावा मथुरा सहित कई अन्य जिलों में भी इस सिलसिले में मुकदमे दर्ज हैं। मथुरा में पीएफआई के चार एजेंट गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। चंदपा पुलिस उन्हें भी राष्ट्रद्रोह के मामले का आरोपी बना चुकी है। वहीं थाना चंदपा में कांग्रेस के नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ भी भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा दर्ज है।
इस मामले में जीवन से पूछताछ भी हो चुकी है। इस मुकदमे की विवेचना भी अब एसटीएफ करेगी। एसटीएफ ने यहां आकर इन दोनों मुकदमों से संबंधित केस डायरी हासिल कर ली और विवेचना शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ इस मामले में अब कुछ और लोगों को चिन्हित कर रही है और पूछताछ कर जानकारी हासिल कर रही है। एसटीएफ यह कार्रवाई गोपनीय तरीके से कर रही है।