सुलेखा वर्मा को सांत्वना देते हुए शहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा एवं अन्य
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नवरात्र में ‘देवियों’ की मदद के लिए संवेदनशील लोग आगे आ रहे हैं। अलीगढ़ हीं नहीं बल्कि आगरा, सहारनपुर और हाथरस से फोन कर सुलेखा वर्मा एवं उनकी छोटी-छोटी बच्चियों को मदद की इच्छा जता रहे हैं। विधायक संजीव राजा, डॉ. अंशु सक्सेना, आशा बहनें एवं मानव उपकार संस्था के पदाधिकारी आदि सुलेखा वर्मा के घर सांत्वना देने पहुंचे।
सासनीगेट क्षेत्र के सराय राय निवासी सुलेखा वर्मा स्वास्थ्य विभाग में आशा हैं। दो दिन पहले उनके पति की बीमारी से मौत हो गई। दुख का पहाड़ टूटने पर अपनों ने मुंह मोड़ लिया तो मानव उपकार संस्था एवं डॉक्टर दीदी (डॉ. अंशु सक्सेना) मददगार बनकर खड़ी हो गई। सुलेखा वर्मा को तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ी की उम्र करीब 12 साल है। परिवार में पुरुष सदस्य के नहीं होने पर सुलेखा ने पति को मुखाग्नि दी। समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद सुलेखा वर्मा की मदद की कई लोगों ने इच्छा जताई है। सोशल मीडिया में सुलेखा की खबर वायरल हो गई है। मानव उपकार संस्था के एक सदस्य ने आर्थिक मदद की। उसी संस्था की एक महिला सदस्य शुक्रवार को अध्यक्ष विष्णु कुमार बंटी के साथ सुलेखा के घर पर गई और दैनिक जीवन के लिए जरूरी कुछ सामान देकर आई। कई आशा बहनें भी सुलेखा के घर पहुंची और सांत्वना दी।
शहर विधान सभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा भी शुक्रवार को सुलेखा के घर पर पहुंचे और कांशीराम आवास योजना के अंतर्गत मकान दिलाने एवं अंत्योदय कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ाने एवं आगे किसी तरह की जरूरत हुई तो मदद कराने का पूरा प्रयास करेंगे। विधायक संजीव राजा ने मानव उपकार संस्था एवं डॉ. अंशु सक्सेना के सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्यों ने मानवता की मिसाल पेश की है। उल्लेखनीय है कि सुलेखा के पति के उपचार में काफी पैसे खर्च हो गए थे। मृत्यु के वक्त उनके पास अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं बचे थे। कुछ दिन पहले ही सराय राय स्थित किराये के मकान में आई है। मायके से सुलेखा के एक भाई आए हैं।