सभी ऋतुओं पर मान्यता रखने वाली वसंत ऋतु आज पंचमी के शुभ अवसर से प्रारंभ हो रही है। सांस्कृतिक और पौराणिक मान्यता के चलते मंगलवार से शुभ कार्य भी होंगे और नए साल पर पहली बार अनबूझे मुहूर्त में शहनाइयां गूंजेंगी। शहर से लेकर देहात तक शादियों की धूम रहेगी। इसके अलावा शिक्षण संस्थान, संगीत विद्यालयों में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाएगी। विद्यालयों में गायन-वादन के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कोरोना संक्रमण काल के चलते वर्ष 2020 में शादी-विवाह में अड़चनें पैदा हो गई थीं। वर्ष 2021 की सहालग में वसंत पंचमी पहला ऐसा दिन है, जो मौसम के अनुकूल है। यही कारण है कि आज के दिन शहर से लेकर देहात तक शादियां आयोजित हो रही हैं। इसकी पुष्टि रविवार को शादी वाले घरों में बज रहे ढोल नगाड़ों की धुन ने की। रिश्तेदारों का आना जाना, घरों की सजावट और शादी के लिए लोग विभिन्न तैयारियों में मशगूल रहे। वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर मंगलवार की सुबह से ही शिक्षण संस्थानों में सरस्वती माता की पूजा अर्चना की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं। गायन-वादन क्षेत्र के विद्यार्थी पूजा कर सरस्वती मां का गुणगान करेंगे।