किसानों के समर्थन में सपा की किसान यात्रा आठवें दिन सोमवार को भी जारी रही। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ तस्वीर महल स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राकेश सिंह को पुलिस ने उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। गुस्साए विधायक ने घर के बाहर ही तीन घंटे तक धरना दिया। छर्रा, अतरौली, इगलास में भी सपाइयों ने किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। छर्रा धनीपुर ब्लाक प्रमुख के पति ठा. तेजवीर सिंह ने हथकड़ी और बेडियां पहन कर प्रदर्शन किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जिलाध्यक्ष टीम के साथ सुबह करीब 11 बजे तस्वीर महल स्थित राजा स्व. महेंद्र प्रताप सिंह पार्क पहुंचे। थोड़ी देर बाद ही पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह, हेवेंद्र सिंह उर्फ हउआ चौधरी, मो. सगीर एमएस, सपा नेता जिब्रान हसन ख्वाजा, रत्नाकर पांडेय, मनोज यादव आदि ने धरने को संबोधित किया। पूर्व सांसद ने कहा कि पुलिस उनको कितने दिन तक घर पर रोक पाएगी, यही देखना है। किसानों के लिए वह कुछ भी करने को तैयार हैं। किसानों की मांगे माने जाने तक वह खामोश नहीं रहेंगे। वरिष्ठ नेता मनोज यादव धरनास्थल पर कंधे पर हल लेकर पहुंचे। यहां पर अब्दुल हमीद घोषी, कपिल शर्मा, यामीन खां, मो. उस्मान, डा. गुलिस्तान, कृपाल सिंह यादव, अहमद सईद सिद्दीकी, इंदू यादव, सुनीता यादव, शकुंतला देवी, आरती, माघवेेंद्र, गवेंद्र पाल सिंह और राकेश यादव आदि मौजूद रहे। सपाइयों ने दोपहर सवा दो बजे एसीएम को ज्ञापन दिया।
इधर, धरने में शामिल होने के लिए घर से जुलूस लेकर जाने की तैयारी कर पूर्व छर्रा विधायक ठा. राकेश सिंह को उनके स्वर्णजयंती नगर स्थित आवास पर रोक लिया गया। पुलिस ने यहां बैरीकेडिंग लगा कर उनको समर्थकों के साथ रोक लिया। कुछ समर्थकों को उनके घर जाने से पहले ही गिरफ्तारी की धमकी देकर चलता कर दिया। पूर्व विधायक ने कहा कि पुलिस को जो शक्ति और बुद्धिमानी अपराधियों को पकड़ने और अपराध कम करने में लगानी चाहिए। उसको वह राजनेताओं पर बर्बाद न करें। विधायक घर के बाहर तीन घंटे तक धरने पर रहे। दोपहर तीन बजे जिलाध्यक्ष गिरीश यादव अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और अधिकारियों से वार्ता कर धरना खत्म कराया। गौर हो कि पूर्व विधायक को लगातार उनके घर पर ही रोका जा रहा है। वहीं, पूर्व नगर विधायक जफर आलम कोरोना प्रोटोकाल के कारण सोमवार को धरने में शामिल नहीं हुए। उनके परिवार में दो बच्चे संक्रमित हो गए थे, इसलिए वह एहतियातन बाहर नहीं आए।