चुनावी समर में नामांकन के दिन से ऐन पहले टिकटों की घोषणा शुरू हो गई है। इस क्रम में सपा-रालोद गठबंधन ने बृहस्पतिवार देर रात जिले की सात में से तीन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं, जिनमें सपा से शहर पर पूर्व विधायक जफर आलम, कोल पर युवा चेहरे सलमान शाहिद व रालोद से खैर पर पूर्व विधायक भगवती प्रयाद सूर्यवंशी को प्रत्याशी बनाया है। अभी जिले की चार इगलास, बरौली, अतरौली व छर्रा पर प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं, जिन्हें लेकर खींचतान की बात कही जा रही है।
पार्टी हाईकमान ने देर रात प्रदेश की 29 सीटों पर सपा-रालोद की संयुक्त सूची जारी की है। इनमें अलीगढ़ की दो सीटों सपा के खाते से घोषित हैं, जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता व 20012 से 2017 तक पार्टी से ही विधायक रहे शहर के प्रमुख उद्योगपति व लिंक लॉक के स्वामी जफर आलम को फिर मौका दिया है। बता दें कि जफर आलम 2017 में भी इसी सीट से लड़े थे मगर भाजपा प्रत्याशी के सामने हार गए थे। हालांकि हाल ही में उनके बीमार होने के बाद से कई अटकलें लगाई जा रही थीं मगर आज टिकट घोषणा ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। इसी तरह सपा ने शहर की दूसरी कोल सीट पर सपा युवजन सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सलमान शाहिद को प्रत्याशी घोषित किया है। सलमान पार्टी के युवा चेहरा हैं और लंबे समय से सक्रिय हैं। वे एएमयू में पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति से ही सपा से जुड़े हैं। सपा के यूथ फ्रंटलों में रहते हुए वे युवजन सभा में प्रदेश सचिव व प्रदेश उपाध्यक्ष तक रहे हैं।
इधर, गठबंधन कोटे से जिले की तीसरी खैर विधानसभा सीट रालोद को दी गई है। इस पर वर्ष 2012 से 2017 तक रालोद से ही विधायक रहे भगवती प्रसाद सूर्यवंशी को मौका दिया गया है। अब जिले की अतरौली, छर्रा, बरौली व इगलास सीट पर गठबंधन से प्रत्याशी घोषित होना बाकी है। सपा के महानगर महासचिव मनोज यादव के अनुसार गठबंधन ने आधिकारिक रूप से तीन सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। बाकी चार सीटों के शुक्रवार तक होने की उम्मीद है।
लंबी थी कोल व खैर में फेहरिस्त, सन्नाटे में अन्य दावेदार
सपा-रालोद गठबंधन की तीन सीटों से अभी तक प्रत्याशी घोषित हैं। इनमें से शहर सीट पर अगर बात करें तो यहां दावेदारों की न तो इतनी लंबी सूची थी और न इतना कोई मजबूत दावेदार था, जिसे जफर आलम के सामने टिकट दिए जाने के संकेत थे। हां, उनके बीमार होने के बाद जरूर चर्चाएं शुरू होने लगी थीं मगर सपा खाते की कोल व रालोद खाते की खैर सीट पर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त थी। इनमें कोल से सपा के पूर्व प्रत्याशी व पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, इसी शहर व कोल से सपा के दो बार विधायक रहे जमीरउल्लाह, एमएस सगीर, ख्वाजा जिब्रान, उस्मान ख्वाजा, शान मियां आदि प्रमुख नाम थे। सबकी अपनी पैरोकारी थी। सभी अपने-अपने तरीके से प्रयासरत थे। इन सभी पर सलमान ने दांव खेलकर टिकट पाने में सफलता हासिल की है। इसी तरह खैर पर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद के अलावा पूर्व प्रत्याशी ओमपाल सूर्यवंशी सहित आधा दर्जन प्रमुख नाम थे। मगर यहां भी भगवती ने अपने प्रभाव से सभी को पटखनी दी है। सभी अन्य दावेदार इन फैसलों से सन्नाटे में हैं। ब्यूरो