सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सोमवार को सपाइयों ने जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के नेतृत्व राजा महेंद्र सिंह पार्क के पास जुलूस निकाल कर धरना दिया और राज्यपाल को संबोधित एसीएम अंजुम बी ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान सपा नेता रत्नाकर पांडेय ने राजा महेंद्र सिंह पार्क में सोमवार को एक धरने को संबोधित करते हुए कहा है कि अपराधियों को पैर में गोली मारने वाली योगी सरकार दुष्कर्म के मामलों पर घुटनों पर आ गई है। शहर से देहात तक महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर रही हैं। ये वही सरकार है जो सपा शासन में कानून व्यवस्था को मुद्दा बना कर सत्ता में आई थी और अब किसी व्यवस्था को नहीं संभाल पा रही है। ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ों पर लगातार दिनदहाड़े जानलेवा हमले होते आ रहे हैं और अधिकारी तमाशा देख रहे हैं। सरकार हर मामले में लीपापोती कर रही है। हाथरस का चंदपा कांड हो या बलिया का सनसनीखेज प्रकरण। पूरे प्रदेश में एक जैसी स्थिति है।
जिसमें लचर कानून व्यवस्था को सुधारने, सत्ता संरक्षित अपराधियों को जेल में डालने, जनता का भय दूर करने की मांग की गई है। इसके साथ ही फर्जी मुठभेड़ तथा हिरासत में मौतों पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार गंभीर अपराधों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। महिलाओं तथा बच्चियों के साथ तो आए दिन दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है। सत्तादल के इशारे पर पुलिस का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना एवं संवेदनहीन है। भाजपा के विपक्ष के प्रति असहिष्णु रवैये से जनता में भय और आक्रोश है। राज्यपाल अपने संवैधानिक पद के दायित्व का निर्वहन करते हुए तत्काल भाजपा सरकार की असंवैधानिक कार्यवाहियों पर रोक लगाएं। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक यादव, अज्जू इरुहाक, रत्नाकर पांडेय, मनोज यादव, ख्वाजा हसन जिबरान, सलमान शाहिद, उस्मान खान, अहमद सईद सिद्दीकी, जस्सू शेरवानी, पूर्व जिलाध्यक्ष गवेंद्र सिंह, राजीव यादव, आमिर आबिद, मो. सालिम, प्रशांत वाल्मीकि, आशीष मोहन यादव, जैकी ठाकुर, गवेंद्र सिंह एडवोकेट, कौशल दिवाकर, मुंतजिम किदवई, संतोष यादव, भरत सूर्यवंशी, डॉ. गुलिस्ताना, पूजा गौतम, सुनीता यादव, सीमा यादव, इंदु यादव, रेखा चौधरी आदि मौजूद रहे।